comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

CBI ने मप्र सीएम के भतीजे के खिलाफ किया मामला दर्ज, बैंक को करोड़ो की चपत लगाने का आरोप

CBI ने मप्र सीएम के भतीजे के खिलाफ किया मामला दर्ज, बैंक को करोड़ो की चपत लगाने का आरोप

हाईलाइट

  • सीबीआई ने बैंक फ्रॉड केस में रतुल पुरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है
  • पुरी पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 354.51 करोड़ रुपये की चपत लगाने का आरोप है
  • CBI ने छह स्थानों की तलाशी भी ली और कंपनी के वर्तमान व पूर्व अधिकारियों को दबोचा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ के भतीजे और मोसर बेयर के तत्कालीन कार्यकारी निदेशक रतुल पुरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 354.51 करोड़ रुपये की चपत लगाने के मामले में ये मामला दर्ज किया गया है। सीबीआई ने छह स्थानों की तलाशी भी ली और कंपनी के वर्तमान व पूर्व अधिकारियों को दबोचा।

जांच एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि मोसर बेयर के प्रबंध निदेशक दीपक पुरी, कंपनी में पूर्णकालिक निदेशक उनकी पत्नी नीता पुरी, एमबीआईएल के पूर्व कार्यकारी निदेशक उनके पुत्र रतुल पुरी, निदेशक संजय जैन, विनीत शर्मा और अन्य अज्ञात सरकारी सेवकों व अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक दुर्व्यव्यवहार व आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया है।

अधिकारी ने बताया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक मुरली छेत्री की शिकायत पर उनके खिलाफ शनिवार को मामला दर्ज किया गया। छेत्री ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने बैंक के साथ 354.51 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। नीता पुरी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की बहन हैं और रतुल पुरी कमलनाथ के भांजे हैं।

रतुल पुरी अगस्तावेस्टलैंड मामले में भी जांच के घेरे में हैं। रतुल पुरी पर उनकी कंपनी के जरिए कथित तौर पर रिश्वत लेने का आरोप है।

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि रतुल पुरी की स्वामित्व वाली कंपनी से जुड़े खातों का उपयोग रिश्वत लेने के लिए किया गया। अगस्तावेस्टलैंड हेलकॉप्टर डील 3,600 करोड़ रुपये के धनशोधन का मामला है।

बता दें कि पिछले महीने रतुल पुरी दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर MTNL बिल्डिंग में ईडी दफ्तर पूछताछ के लिए पहुंचे थे. उन्हें ईडी ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में पूछताछ के लिए बुलाया था. उनसे कुछ देर पूछताछ चली लेकिन इसी बीच उन्हें अंदेशा हुआ कि ईडी की टीम गिरफ्तार कर लेगी. रतुल ने ईडी दफ्तर में जांच अधिकारी से टॉयलेट जाने की बात कही. वह टॉयलेट गए और फिर वहां से गायब हो गए।

बाद में रतुल पुरी ने दिल्ली के राउस एवेन्यू कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगा दी। रतुल की तरफ से कोर्ट में दो जाने माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी और विजय अग्रवाल पेश हुए। उन्होंने कहा रतुल पुरी अभी तक 22 बार ईडी के सामने पेश हुए हैं। उनको 23वीं बार बुलाया गया था। उन्हें यात्रा पर जाना था, लेकिन तब भी वे ईडी के सामने पेश हुए।

कमेंट करें
iIfeN
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।