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चक्रवात निसर्ग ने महाराष्ट्र में दी दस्तक, तेज हवा के साथ भारी बारिश

June 03rd, 2020 17:00 IST
 चक्रवात निसर्ग ने महाराष्ट्र में दी दस्तक, तेज हवा के साथ भारी बारिश

हाईलाइट

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मुंबई/रायगढ़, 3 जून (आईएएनएस)। चक्रवात निसर्ग ने 72 घंटों के इंतजार के बाद महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के श्रीवर्धन-दिवे आगार में एक प्रचंड दस्तक दी, जिसके साथ ही महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में अफरातफरी मच गई।

रत्नागिरी की कलेक्टर निधि चौधरी ने एक बयान में कहा, तूफान की आंख (केंद्र बिंदु) लगभग 60 किमी दूर है। इसने रायगढ़ जिले में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दस्तक दी है। अब यह उरण की ओर आगे बढ़ रहा है।

उरण, रायगढ़ के उत्तरी हिस्से में है, जो दक्षिण-मध्य मुंबई से मुश्किल से दो किलोमीटर की दूरी पर है। यहां गगनचुंबी इमारतों के साथ ही झुग्गियां भी हैं और यह इलाका चक्रवात के कारण जोखिम की स्थिति में है।

चक्रवात के दस्तक देने से कई घंटों पहले ही निसर्ग के बुधवार सुबह से 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की हवा के साथ आने की घोषणा की गई थी। इसके साथ ही पालघर, ठाणे, मुंबई, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के पूरे तटीय इलाके में भारी बारिश की भी घोषणा की गई थी।

तेज तूफान की वजह से जगह-जगह पेड़ उखड़ गए और पूरे कोंकण क्षेत्र में लोगों के घरों की छतें भी हवा में उड़ती नजर आईं। वहीं मुंबई और ठाणे में गिरे पेड़ों के नीचे कई वाहन दब गए।

दक्षिण मुंबई के कोलाबा, चर्चगेट और ठाणे में बड़े और छोटे पेड़ जड़ से उखड़ गए। इसके अलावा शहर के पश्चिमी तट पर गेटवे ऑफ इंडिया, भाऊचा धक्का और गिरगांव चौपाटी, दादर, जुहू, वर्सोवा, मड, मार्वे, गोराई जैसे लोकप्रिय समुद्र तटों पर ऊंची लहरों ने तबाही मचाई।

तेज उठती लहरों और तूफान के बीच रत्नागिरि में मिर्या बीच पर एक मध्यम आकार का समुद्री जहाज फंस गया। हालांकि गनीमत रही कि यहां किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अन्य मंत्रियों और अधिकारियों के साथ चक्रवात की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने सभी तटीय जिला कलेक्टरों को फोन किया और उनसे जमीनी रिपोर्ट मांगी।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की बचाव टीमों के अलावा सेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक, पुलिस, फायर ब्रिगेड और विशेषज्ञ गोताखोर मुंबई में विभिन्न स्थानों पर किसी भी बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद हैं।

महाराष्ट्र मछुआरा संघ के अध्यक्ष दामोदर तंडेल ने कहा कि पूरे तटीय क्षेत्र में मछुआरों के कई गांवों को तूफान के कारण भारी नुकसान हुआ है।

दामोदर ने आईएएनएस को बताया, ताजा जानकारी के अनुसार, हमारी अधिकांश मछली पकड़ने वाली नौकाओं को पिछले कुछ दिनों से सुरक्षित रूप से लंगर बांध दिया गया था, लेकिन असली नुकसान तूफान के चले जाने के बाद ही पता चलेगा। किसी मछुआरे के हताहत या लापता होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।

आईएमडी ने पहले ही रायगढ़, मुंबई, ठाणे, पालघर, नाशिक, धुले और नंदुरबार के लिए रेड अलर्ट घोषित कर दिया है, जो कि चक्रवात के रास्ते में आने वाले क्षेत्र हैं।

रात भर हुई बारिश के कारण मुंबई और ठाणे के कई निचले इलाकों और तटीय क्षेत्रों के अलावा अन्य जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।

एक अधिकारी ने कहा कि मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड बुधवार को चक्रवात के मद्देनजर निर्धारित 50 दैनिक घरेलू उड़ानों में से केवल 19 का ही संचालन करेगा।

वहीं चक्रवात से बचने के लिए मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे की कई लंबी दूरी की ट्रेनों की समय सारणी में भी बदलाव किया गया है।

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