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देशभर में जारी है आफत की बारिश, असम में अब तक 32 लोगों की मौत

July 05th, 2018 21:16 IST

हाईलाइट

  • असम में बाढ़ से अबतक 32 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • पश्चिम बंगाल और गुजरात में भी बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं।
  • उत्तराखंड और गुवाहाटी में ज्यादातर नदियां उफान पर हैं।
  • मध्य प्रदेश में मॉनसून एक्टिव हो गया है।
  • राजधानी भोपाल में बुधवार रात से ही बारिश का सिलसिला जारी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में जारी तेज बारिश अब लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। इस बारिश के कारण अधिकतर इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं और सारा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। असम में बाढ़ से अबतक 32 लोगों की मौत हो चुकी है। पश्चिम बंगाल और गुजरात में भी बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। उत्तराखंड और गुवाहाटी में ज्यादातर नदियां उफान पर हैं। मध्य प्रदेश में मॉनसून एक्टिव हो गया है। राजधानी भोपाल में बुधवार रात से ही बारिश का सिलसिला जारी है।

असम में 32 लोगों की मौत
भारी बारिश के कारण असम के गुवाहाटी में नदियां उफान पर आ गई हैं। ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। असम के करीब पांच जिले बुरी तरह बाढ़ से घिर गए हैं। धीमाजी, लखीमपुर, बारपेटा, डिब्रूगढ, करीमगंज जिले की करीब 50 हजार आबादी बाढ़ से घिरी हुई है। राज्य में बाढ़ से अब तक करीब 32 लोगों की मौत हो चुकी है।

तीन अमरनाथ यात्रियों की मौत
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा पर भी प्रभाव पड़ रहा है। बुधवार देर शाम से शुरू हुई तेज बारिश के कारण एक बार फिर अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। बालटाल और पहलगाम दोनों ही रास्तों से यात्रा फिलहाल बंद है। बता दें कि बुधवार को ही भूस्खलन और खराब मौसम की वजह से यात्रा के दौरान तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि पांच घायल हो गए थे। उसके बाद यात्रा रोक दी गई थी।

बाढ़ में फंसे कैलाश मानसरोवर से लौट रहे तीर्थयात्री
नेपाल के पहाड़ी हिलसा क्षेत्र से 250 से ज्यादा भारतीय तीर्थयात्रियों को निकाल लिया गया है। कैलाश मानसरोवर से लौट रहे तीर्थयात्री भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में फंसे हुए थे। भारतीय दूतावास के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि 336 अन्य भारतीयों को भी सिमिकोट से सुरखेत और नेपालगंज पहुंचाया गया है। अधिकारी ने कहा, 'हिलसा-सिमिकोट सेक्टर में हेलीकॉप्टरों ने 50 उड़ानों में 250 लोगों को हिलसा से बाहर निकाला है।'

हिमाचल प्रदेश में फंसे लोग
हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भी भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। चंबा के भरमौर में अचानक पानी आने से रास्ता बंद हो गया। इस दौरान रोड पर ही 10 लोग फंस गए। बाद में किसी तरह जेसीबी मशीन की मदद से सबको बचाया गया। इसका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि ये 10 लोग किस तरह खाई और बाढ़ के बीच में बुरी तरह फंसे हुए थे। अगर जेसीबी नहीं होती तो इन्हें बचाना मुश्किल होता।


शिमला में टूटा 68 साल का रिकॉर्ड
हिमाचल प्रदेश के अधिकांश भागों में लगातार भारी बारिश हो रही है और पिछले 68 सालों में शिमला में एक दिन में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। मौसम विभाग के अनुसार शिमला में पिछले 24 घंटों के दौरान 118.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

गुजरात के कई जिलों में 4 से 5 इंच तक बारिश
अहमदाबाद समेत 132 तहसीलों में हल्की से 5 इंच तक बारिश हुई। सूरत जिले की मांगरोल, खेड़ा जिले की वसो और आनंद में 4 इंच से अधिक बारिश हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार को भी अहमदाबाद समेत गुजरात रीजन में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम में आए परिवर्तन के कारण शहर के तापमान में 8 से 9 डिग्री सेन्टीग्रेड की कमी आई है।

प. बंगाल के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
भारी बारिश के कारण पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जलपाईगुड़ी जिले के एक गावं में घरों में पानी घुस गया है। बानरहाट में करीब 10 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं।


उत्तराखंड में 8 जुलाई से फिर आएगी आफत की बारिश
उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश के कारण बाढ़ ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। पिथौरागढ़ के मालपा में आई बाढ़ अभी भी कई लोग फंसे हुए हैं। राज्य की एसडीआरएफ यानी राहत बचाव की टीम नदी में फंसे लोगों को क्रेन के जरिए बाहर निकाल रही है। देहरादून के मौसम वैज्ञानिक एम एम सकलानी का कहना है कि 7 तारीख तक तो बारिश में कमी आएगी, लेकिन 8 जुलाई से फिर बारिश ज्यादा होने की संभावना है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।