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जैन मुनि तरुण सागर महाराज का निधन, तरुणसागरम तीर्थ में हुआ अंतिम संस्कार

September 01st, 2018 18:21 IST

हाईलाइट

  • जैन मुनि तरूण सागर महाराज का 51 वर्ष की आयु में निधन।
  • 20 दिनों से चल रहे थे बीमार।
  • आज दोपहर 3 बजे होगा अंतिम संस्कार।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जैन मुनि तरुण सागर का आज तड़के निधन हो गया। मुनिश्री 51 साल के थे। तरुण सागर को 20 दिन पहले पीलिया हुआ था, जिसके कारण वह बहुत कमजोर हो गए थे। उनका जन्म 26 जून 1967 को मध्य प्रदेश के दमोह में हुआ था। उन्होंने 14 साल की उम्र में दीक्षा ली। मुनि श्री की अंतिम यात्रा आज सुबह दिल्ली के राधेपुरी से तरुणसागरम तीर्थ तक निकली। उनकी अंतिम यात्रा करीब 28 किलोमीटर की रही। कुछ ही देर में मुनि श्री का अंतिम संस्कार किया जाएगा।


 

जैन मुनि तरुण सागर अपने कड़वे प्रवचनों के लिए मशहूर थे। उन्हें राष्ट्रीय क्रांतिकारी संत भी कहा जाता था। कड़वे वचन नाम से उनकी कई किताबें प्रकाशित की गईं। बता दें कि 20 दिन पहले उन्हें पीलिया हुआ था, जिसके कारण वह बहुत कमजोर हो गए थे। पिछले दो दिनों से बीमार चल रहे तरुण सागर को डॉक्टरों ने अपनी निगरानी में रखा था। उन्हें जिस कमरे में रखा गया था, वहां पर सिर्फ जैन मुनियों और शिष्यों के अलावा किसी और को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। तरुण सागर जी महाराज इस समय दिल्ली में चातुर्मास स्थल पर थे। दो दिन पहले गुरुवार की सुबह उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। जिसके बाद उन्हें स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था। वहां शाम डॉक्टरों की निगरानी में उनकी सेहत में थोड़ा सुधार हुआ था। उस शाम भी कई संत उनसे मुलाकात को पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक 20 दिन पहले मुनिश्री को पीलिया हुआ था लेकिन दवाइयों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। इसके बाद ही उन्होंने इलाज बंद करा दिया था और चातुर्मास स्थल पर जाने का निर्णय लिया था। 

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा, ''जैन मुनि श्रद्धेय तरुण सागर जी महाराज के असामयिक महासमाधि लेने के समाचार से मैं स्तब्ध हूँ।वे प्रेरणा के स्रोत, दया के सागर एवं करुणा के आगार थे। भारतीय संत समाज के लिए उनका निर्वाण एक शून्य का निर्माण कर गया है। मैं मुनि महाराज के चरणों में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.''। मुनि श्री के निधन की खबर मिलने के बाद से उनके प्रवास स्थल पर दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु जुटने लगे हैं। गौरतलब है कि उनके अनुयायियों की संख्या देश-विदेश में काफी ज्यादा है। दिगंबर जैन महासभा के अध्यक्ष निर्मल सेठी ने बताया कि मुनिश्री तरुण सागर को देखने पांच जैन संत दिल्ली पहुंच रहे हैं। इनमें सौभाग्य सागर महाराज शामिल हैं। पुष्पदंत सागर महाराज जो उनके गुरु बताए जाते हैं उन्होंने मुनिश्री की तबीयत खराब होने के संबंध में एक वीडियो मैसेज जारी किया था। वीडियो मैसेज के जरिए उन्होंने महाराज का समाधि महोत्सव मनाने की अपील की है। 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।