दिल्ली: तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने चला बुलडोजर,विरोध में पत्थरबाजी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में एमसीडी ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास का अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया। दिल्ली नगर निगम ने रात को ही बुलडोजर पहुंचा दिए थे, उसके स्थानीय पुलिस के साथ पहले ही तैयारी कर ली थी। उसे कार्रवाई के दौरान विरोध होने का अंदेशा था, अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ अड़चनबाजों ने पथराव किया,इस दौारान पुलिस को हल्के बल का इस्तेमाल करना पड़ा।
एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि ये कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों पर हुई है। आपको बता दें दिल्ली विस्फोट का कथित हमलावर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार धमाके से पहले इसी मस्जिद में 10 मिनट तक ठहरा था, विस्फोट में 15 लोगों की मौत हुई थी। उसका एक आरोपी इसी मस्जिद में ठहरा था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देशों पर एमसीडी ने 7 जनवरी 2025 बुधवार की देर रात करीब 1 बजे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान के नजदीक तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमित क्षेत्र में अतिक्रमण हटाया। उपद्रवियों ने कार्रवाई के दौरान अशांति फैलाने की कोशिश की। पुलिस ने स्थिति को काबू में किया।
मिली जानकारी में पथराव की वजह से 4 से 5 अधिकारियों को मामूली चोटें आईं। सीसीटीवी फुटेज, ग्राउंड फुटेज और बॉडी कैमरा फुटेज की जांच की जा रही है, पहचान होने पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
NDMC उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने र्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण पर कहा वहां कई ऐसे इलाके हैं जहां अतिक्रमण बढ़ गया है और मैं MCD और इसमें शामिल दूसरे विभागों को बधाई देता हूं, जिन्होंने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। पत्थरबाजी की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सैयद फैज इलाही मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन पर कथित अतिक्रमण हटाने के अधिकारियों के आदेश को चुनौती देने वाली मस्जिद प्रबंध समिति की पिटीशन पर सुनवाई करते हुए एमसीडी, डीडीए, शहरी विकास मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली वक्फ बोर्ड से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। प्रबंध समिति ने मस्जिद वाली 0.195 एकड़ जमीन को छोड़कर बाकी सभी संरचनाएं अतिक्रमण है और ध्वस्त करने योग्य वाले 22 दिसंबर 2025 के आदेश को रद्द करने की मांग की है।
Created On :   7 Jan 2026 8:39 AM IST













