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धर्म चक्र दिवस: मोदी बोले- बौद्ध धर्म ने शांति और अहिंसा का संदेश दिया, ये सीख आज भी प्रासंगिक


हाईलाइट

  • धर्म चक्र दिवस के मौके पर पीएम मोदी का संबोधन
  • राष्‍ट्रपति कोविंद ने धर्म चक्र दिवस का किया उद्घाटन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आज (4 जुलाई) आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) द्वारा आयोजित समारोह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। संस्कृति मंत्रालय की देखरेख में धर्म चक्र दिवस के रूप में बनाए जा रहे आषाढ़ पूर्णिमा के मौके पर पीएम मोदी ने बौद्ध विद्वानों को संबोधित करते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दी। पीएम ने कहा इसे गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। आज का दिन हमारे गुरुओं को याद करने का दिन है, जिन्होंने हमें ज्ञान दिया। उस भावना में हम भगवान बुद्ध को श्रद्धांजलि देते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, बौद्ध धर्म लोगों को आदर करना सिखाता है। बुद्ध द्वारा दी गई सीख आज भी प्रसांगिक है। गौतम बुद्ध ने सारनाथ में दिए अपने पहले उपदेश और बाद में भी दो चीजों- आशा और उद्देश्य को लेकर बात की। उन्होंने इन दोनों के बीच मजबूत लिंक देखा। क्योंकि आशा से ही उद्देश्य पैदा होता है। 

पीएम मोदी ने भगवान बुद्ध की आठ शिक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा, आज दुनिया कठिन चुनौतियों से लड़ रही है। इन चुनौतियों के लिए स्थायी समाधान भगवान बुद्ध के आदर्शों से आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे अतीत में प्रासंगिक थे, वर्तमान में प्रासंगिक हैं और भविष्य में भी प्रासंगिक बने रहेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान बुद्ध द्वारा दिखाए गए आठ गुना पथ पर जोर देते हुए कहा, भगवान बुद्ध द्वारा दिखाए गए आठ मार्ग कई समाजों और राष्ट्रों को कल्याण की दिशा में रास्ता दिखाता है। यह करुणा और दया के महत्व पर प्रकाश डालता है। उन्होंने कहा, बौद्ध धर्म लोगों को आदर करना, गरीबों के प्रति आदर रखना, महिलाओं को आदर देना, शांति और अहिंसा रखना सीखाता है इसलिए भगवान बुद्ध द्वारा दी गई सीख आज भी प्रसांगिक है।

पीएम मोदी के संबोधन से पहले आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में धर्म चक्र दिवस का उद्घाटन किया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आयोजित धर्म चक्र दिवस समारोह को संबोधित किया। इस मौके पर मंगोलिया के राष्ट्रपति का एक विशेष संबोधन भी पढ़ा गया।

गौरतलब है कि, आज ही के दिन महात्मा बुद्ध ने अपने पहले पांच शिष्यों को प्रथम उपदेश दिया था। इसी मौके पर पूरी दुनिया के बौद्ध हर साल इसे धर्म चक्र प्रवर्तन दिवस के रूप में मनाते हैं। वहीं हिंदू धर्म में आज का दिन गुरु के प्रति सम्‍मान व्‍यक्‍त करने काहोता है। इसे ‘गुरु पूर्णिमा’ के रूप में भी मनाया जाता है।

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