दैनिक भास्कर हिंदी: रूस यात्रा के दौरान रक्षा सौदों में तेजी लाने पर जोर देंगे राजनाथ

June 22nd, 2020

हाईलाइट

  • रूस यात्रा के दौरान रक्षा सौदों में तेजी लाने पर जोर देंगे राजनाथ

नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी तनाव के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को रूस की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। रक्षामंत्री अपने समकक्षों के साथ विभिन्न रक्षा सौदों पर चर्चा करेंगे, जिन पर दोनों देशों ने सहमति व्यक्त की है।

जिन रक्षा सौदों पर चर्चा की जानी है, उनमें सिंह भारत के लिए एस-400 मिसाइल भेदी प्रणाली की आपूर्ति में तेजी लाने पर चर्चा कर सकते हैं।

भारत और रूस के बीच 16 अरब के रक्षा सौदे निर्धारित हैं। मॉस्को ने कहा है कि वह अनुबंधों के समय पर कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें एस-400 हवाई रक्षा प्रणाली की आपूर्ति और कलाश्निकोव राइफल्स व कामोव हेलीकॉप्टरों के उत्पादन शामिल हैं।

दोनों देशों ने इस साल फरवरी में लखनऊ में डेफएक्सपो 2020 के दौरान 14 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिसमें थल, वायु और नौसेना प्रणालियों और हाई-टेक सिविलियन उत्पादों के विकास और उत्पादन को शामिल किया गया है।

रूस के रोसोबोरोनेक्सपोर्ट ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ उन्नत पाइरोटेक्निक इग्निशन सिस्टम, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को मित्र देशों के लिए पुजरें और सेवाओं के निर्यात और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के साथ थल प्रणालियों के लिए सौदे किए हैं।

कामोव का-226 हेलीकॉप्टरों में उपयोग किए जाने वाले कल-पुर्जो के स्थानीयकरण के लिए रसियन हेलीकॉप्टर्स और इंडो-रसियन हेलीकॉप्टर्स लिमिटेड द्वारा एक अलग समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। भारत की ओर से 200 का-226 हेलीकॉप्टर खरीदने की योजना है।

भारतीय वायुसेना ने आर-27 एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने के लिए रूस के साथ 1500 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इन मिसाइलों को भारतीय वायुसेना की मल्टी रोल सू-30एमकेआई फाइटर जेट्स पर फिट किया जाएगा। यह मिसाइल भारतीय वायुसेना की हवा से हवा में मार करने की क्षमता को और बढ़ावा देगी।

शीर्ष रूसी सैन्य अधिकारियों के साथ बातचीत करने के बाद सिंह दूसरे विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर मॉस्को में आयोजित होने वाली एक भव्य सैन्य परेड में भाग लेंगे।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी बुधवार को रूस-भारत-चीन बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान चीनी और रूसी विदेश मंत्री भी मौजूद रहेंगे।

रक्षामंत्री की रूस यात्रा भारत और चीन के बीच गतिरोध बढ़ने के बाद हुई है। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून की रात चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे।

मास्को रवाना होने से पहले राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, तीन दिवसीय यात्रा पर मॉस्को रवाना हो रहा हूं। यह यात्रा भारत-रूस रक्षा और सामरिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए बातचीत का अवसर देगी। मुझे मॉस्को में 75वीं विजय दिवस परेड में भी शामिल होना है।