Operation Sindoor: 'जीत केवल बयानबाजी से घोषित नहीं...' ऑपरेशन सिंदूर को लेकर CDS ने पाकिस्तान को घेरा

जीत केवल बयानबाजी से घोषित नहीं... ऑपरेशन सिंदूर को लेकर CDS ने पाकिस्तान को घेरा
ऑपेशन सिंदूर को लेकर भारतीय सेना के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पर निशाना साधा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ऑपेशन सिंदूर को लेकर भारतीय सेना के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि इस अभियान के दौरान भारत ने पाकिस्तान में घुसकर तोबड़तोड़ कार्रवाई की थी।

पाकिस्तान पर साधा निशाना

सीडीएस अनिल चौहान ने पुणे में एक सेमिनार को संबोधित किया और पाकिस्तान को लेकर कहा, "सिर्फ बयानबाजी से जीत की घोषणा नहीं होती। खराब एयर डिफेंस सिस्टम से जीत का जश्न नहीं मनाया जा सकता।" उन्होंने आगे कहा, "जीत केवल बयानबाजी से घोषित नहीं की जाती, जैसा कि हमारे पड़ोस (पाकिस्तान) के कुछ संगठनों ने किया है, बल्कि सबूतों के माध्यम से दुनिया को दिखाई जाती है, जैसा कि हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिखाया। ध्वस्त आतंकी ढांचे, क्षतिग्रस्त रनवे, खराब एयर डिफेंस सिस्टम से जीत का जश्न नहीं मनाया जा सकता। इस तरह की जीत या नारे स्थायी नहीं होते।"

भविष्य में डिफेंस की क्या होगी पॉलिसी?

सेना चीफ ने भारत की डिफेंस पॉलिसी भविष्य के उभरते खतरों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने आगे बताया, "अगले दशक के लिए भारत की रक्षा नीति को भविष्य की चुनौतियों और परिस्थितियों के गंभीर आकलन के आधार पर तय किया जाना आवश्यक है। मेरा मानना ​​है कि यह नीति (वर्तमान की) तेजी से प्रतिस्पर्धी, टकरावपूर्ण, आक्रामक, नाजुक और तकनीकी रूप से बेहद समस्या पैदा करने वाली होती जा रही है।"

स्वतंत्र कार्य को लेकर क्या बोले?

अनिल चौहान ने बताया कि मौजूदा दौर के बदलते वैश्विक परिवेश में देश अब स्थायी मित्रता या प्रतिद्वंद्विता की धारणा नहीं रख सकते हैं। साथ ही कहा कि भारत को अगर जरूरत पड़ने पर स्वतंत्र कार्य के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, "स्थायी मित्रों या शत्रुओं के बारे में धारणाएं तेजी से बदलती जा रही हैं। आज की दुनिया में यह परिभाषित करना मुश्किल है कि आपके मित्र कौन हैं, आपके सहयोगी कौन हैं, आपके शत्रु कौन हैं और आपके विरोधी कौन हैं। यही वजह है कि भारत को जरूरत पड़ने पर स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए मेंटली, स्ट्रक्चरल और फिजिकल रूप से तैयार रहना चाहिए।"

Created On :   15 Feb 2026 12:07 AM IST

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