comScore
Dainik Bhaskar Hindi

यहां जन्म के वक्त मातम तो मौत के पर मनाते हैं खुशी

BhaskarHindi.com | Last Modified - October 21st, 2018 21:00 IST

4.6k
3
0

डिजिटल डेस्क। आमतौर पर यही सुनते आ रहे है कि जब किसी के यहाँ बच्चे के जन्म होता है तो लोग खुशी से झूम उठते हैं वहीं, यदि किसी की मौत हो जाती है तो लोग मातम मनाते हैं। दरअसल ये कहीं लिखित नहीं है ये मन की भावनाएं हैं जो खुद-ब-खुद निकलती है। इस पर किसी का जोर नहीं चलता है, लेकिन राजस्थान में एक ऐसी जनजाति है जो ठीक इसके विपरीत करती है। दरअसल इस जनजाति में जब कोई बच्चा जन्म लेता है तो लोग मातम मनाते हैं और जब कोई व्यक्ति मरता है तो लोग उत्सव मनाते हैं। यह सुनकर आपको हैरानी जरुर हो रही होगी लेकिन यह सच है।

ये भी पढ़ें-अगर इन्हें समझते हैं सब्जी तो दूर करें गलतफहमी,  जानिए फल और सब्जी के बीच का अंतर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहाँ सतिया समुदाय के लोग सड़कों पर तम्बू बना कर रहते हैं। इस समुदाय के ज्यादातर लोग निरक्षर हैं और पुरुष शराब की अपनी लत के लिए कुख्यात हैं। वहीँ इस समुदाय की ज्यादातर महिलाएं देह व्यापार में लिप्त है। इस जनजाति की सबसे अनूठी बात यह है कि यदि यहाँ किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो लोग उसका अंतिम संस्कार बड़ी धूमधाम से मनाते है वहीँ, जब किसी बच्चे का जन्म होता है तो लोग मातम मनाते हैं।

ये भी पढ़ें- OMG! इन अजब-गजब फैक्ट्स से भरा है इंडिया, जान कर नहीं करेंगे विश्वास


समुदाय का एक सदस्य झनक्या बताता है कि हमारे यहाँ जब किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो हम इस मौके पर नए कपड़े पहनते हैं और हम लोग एक दूसरे का मुंह मीठा कराते हैं व नाच गाना करते हैं वही, दूसरा सदस्य बताता है कि मौत उनके लिए एक महान पल होता है क्योंकि इससे आत्मा शरीर की कैद से आजाद हो जाती है।
 

समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया यहाँ दें l

ये भी देखें

ई-पेपर