comScore

अंडमान : चाऊ का शव लेने गई थी पुलिस टीम, आदिवासियों के हाथ में तीर-धनुष देख वापस लौटी

November 26th, 2018 00:28 IST
अंडमान : चाऊ का शव लेने गई थी पुलिस टीम, आदिवासियों के हाथ में तीर-धनुष देख वापस लौटी

हाईलाइट

  • अंडमान-निकोबार में आदिवासियों के हाथों मारे गए अमेरिकी नागरिक जॉन ऐलन चाऊ का अब तक शव नहीं मिल पाया है।
  • शव लाने के लिए पुलिस सेंटिनल आईलेंड पर पहुंची थी, लेकिन आदिवासियों के हाथ में तीर-धनुष देख टीम को लौटना पड़ा।
  • सेंटिनल आइलेंड पर 60 हजार साल पुराना इंसानी कबीला रहता है।

डिजिटल डेस्क, पोर्ट ब्लेयर। अंडमान-निकोबार में आदिवासियों के हाथों मारे गए अमेरिकी नागरिक जॉन ऐलन चाऊ का अब तक शव नहीं मिल पाया है। शव लाने के लिए पुलिस सेंटिनल आइलैंड पर पहुंची थी, लेकिन आदिवासियों के हाथ में तीर-धनुष देख पुलिस की टीम को उल्टे पैर वहां से लौटना पड़ा। बता दें कि सेंटिनल आइलैंड पर 60 हजार साल पुराना इंसानी कबीला रहता है। इस द्वीप पर नाव के जरिए पहुंचा जा सकता है। ये इंसानी कबीला बाहरी दुनिया से किसी भी तरह से संपर्क में नहीं रहता है।

डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस दीपेंद्र पाठक ने बताया कि शनिवार को चाऊ का शव तलाशने के लिए नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड पर पुलिस की एक टीम को भेजा गया था। जब ये टीम किनारे से करीब 400 मीटर की दूरी पर थी तो दूरबीन से देखने पर उन्हें तीर-धनुष के साथ आदिवासी नजर आए। टकराव की स्थिति को देखते हुए पुलिस की टीम वहां से वापस लौट गई।

बता दें कि अमेरिकी नागरिक जॉन ऐलन चाऊ की हत्या संरक्षित सेंटेनलीज आदिवासियों ने कर दी थी। अंडमान पुलिस ने बताया था कि चाऊ 16 अक्टूबर को अंडमान निकोबार पहुंचे थे। वह 19 अक्टूबर तक होटल लालाजी बे व्यू में रुके। इसके बाद वह हट बे चले गए और 5 नवंबर को पोर्ट ब्लेयर लौटे। यहां पर वह अपने दोस्त एलेक्जेंडर के साथ 14 नवंबर तक रुके। इस दौरान एलेक्जेंडर ने चाऊ को एक मछुआरे से मिलवाया। पुलिस ने कहा, इसके बाद ग्रुप ने मिशनरी एक्टिविटी के लिए नॉर्थ सेंटीनल आइलैंड का ट्रिप प्लान किया। 14 नवंबर को रात 8 बजे के करीब चाऊ 5 अन्य लोगों के साथ सेंटीनल आइलैंड के लिए निकले। 15 नवंबर को सुबह करीब 04.30 बजे वह रोइंग कयाक से नॉर्थ सेंटीनल आइलैंड पर पहुंचे।

सेंटीनल आइलैंड पर पहुंचने के बाद उन्हें आदिवासियों से संपर्क कर फुटबॉल, प्लेइंग रिंग, फिशिंग लाइन, कैची और मेडिकल किट जैसी अन्य चीजे उन्हें देने की कोशिश की। इस दौरान किसी ने उन पर तीर चला दिया। चाऊ को आखिरी बार मछुआरों ने 16 नवंबर को देखा था। 17 नवंबर को सुबह करीब 06.30 बजे मुछआरों ने किनारे पर एक डेड बॉडी देखी जिसे कुछ लोग घसीट कर ले जा रहे थे। माना जा रहा है कि ये बॉडी चाऊ की ही थी।

17 नवंबर को पोर्ट ब्लेयर लौटने के बाद मुछआरे ने चाऊ के दोस्त एलेक्जेंडर को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और 13 पन्नों का जरनल जिसे चाऊ ने लिखा था उसे भी सौंपा। इसके बाद एलेक्जेंडर ने अमेरिका में चाऊ के दोस्त बॉबी पार्क्स को इसके बारे में बताया, जिन्होंने चाऊ की मां को घटनाक्रम बताया। चाऊ की मां ने इसके बाद चेन्नई में यूएस कॉन्सुलेट जनरल को इसके जानकारी दी।

Loading...
कमेंट करें
TquWg
Loading...
loading...