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 ट्रेनी स्टाफ नर्स के लिये बना है भवन फिर भी दे रहे हर माह सवा लाख रू. किराया

 ट्रेनी स्टाफ नर्स के लिये बना है भवन फिर भी दे रहे हर माह सवा लाख रू. किराया

डिजिटल डेस्क सीधी। ट्रेनी स्टाफ नर्स के लिये आवास बना हुआ है किंतु इसके बाद भी किराये के घर पर 1 लाख 19 हजार 276 रूपये हर महीने व्यय किये जा रहे हें। स्टाफ नर्स आवास को दुरूस्त कराने में ज्यादा खर्च नही आना है। कम खर्चे के बाद शासन के हर महीने व्यय होने वाले लाख रूपये बचाये जा सकते हैं। 
फजूलखर्ची का आरोप
स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित एनआरएचएम में डीसीएम के पद पर पदस्थ दीपक राजपूत पर फिजूलखर्ची का आरोप लगाया गया है। ट्रेनी स्टाफ नर्स के लिये जिस भवन को किराये पर लिया गया है उसका किराया अचानक 1 लाख 19 हजार 276 रूपये कर दिया गया है। कायदे से किराये की राशि में 10 प्रतिशत की वृद्धि होनी थी किेंतु डीसीएम ने अपने सगे रिश्तेदार केा लाभ पहुंचाने बिना निविदा निकाले ही किराया बढ़ा दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता एसएन पाठक ने कहा कि एनआरएचएम द्वारा आशा व सहयोगिनी की नियुक्ति में भी लेनदेन किया जा रहा है। आशाओं को निकालने ओैर पुन: पदस्थापना बिना लेनदेन के संभव नहीं हो पा रही है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मप्र के संचालक के आदेशों का पालन न करने का भी आरोप लगाया है। अपने आदेश में मिशन संचालक ने कहा था कि सी बैक एवं फैमिली फोल्डर प्रपत्र मुद्रण कार्य शासकीय नियमों के तहत कराये जायें किंतु दीपक राजपूत ने ऐसा न कर मनमानी तरीके से अपने खास लोगों के यहां से उक्त कार्य कराया है। आशा डेली डायरी के मुद्रण के संबंध में भी केाई निविदा नही निकाली गई है। इतना ही नहीं डायरी में दर्जनों फोटोग्राफ लगाये गये हैं जो मंत्री, मुख्यमंत्री के न होकर निजी प्रचार तक सीमित देखे जा रहे हैंं। यात्रा भत्ता में गोलमाल करने का भी आरोप लगाया गया है। उन्होनें प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मिशन संचालक एनआरएचएम भोपाल आयुक्त रीवा संभाग को शिकायती पत्र लिखकर जांच कराने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 
 

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