एशियन पैरा गेम्स 2026: कौन हैं हरविंदर सिंह? बचपन में एक इंजेक्शन ने छीनी पैरों की गतिशीलता, अब भारत को तीरंदाजी में दिलाया गोल्ड

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एशियन पैरा गेम्स 2026 में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों का हौसला ऐसा है जो कई लोगों को प्रेरित कर रहा है। उनकी कहानी लाखों लोगों को हिम्मत दे रही है। उसी में से एक है भारतीय पैरा तीरंदाज हरविंदर सिंह। बचपन में डेंगू के इलाज के लिए उन्हें इंजेक्शन लगाए गए थे। दुर्भाग्यवश उस इंजेक्शन ने उनके पैरों की गतिशीलता छीन ली।
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हरविंदर ने विजय सुंडी के साथ पुरुष रिकर्व डबल्स के फाइनल में भारतीय जोड़ी ने चीन को 5-1 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने पहला सेट 35-35 से बराबर किया। उसके अगले ही सेट में 37-36 और 38-36 से जीते। 35 साल के हरविंदर का एशियन पैरा गेम्स में दूसरा गोल्ड है।
कौन है हरविंदर सिंह?
हरविंदर सिंह का जन्म हरियाणा में हुआ था। उनके पिता एक किसान हैं। पैरों की गतिशीलता खोने के बाद भी हरविंदर ने कभी शारीरिक चुनौतियों को सपनों की बाधा नहीं बनने दी।
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इस कामयाबी में उनके परिवार का बड़ा योगदान
साल 2012 के लंदन पैरालंपिक खेलों ने उनके भीतर तीरंदाजी के प्रति जुनून जगाया। यहीं से शुरू हुआ एक ऐसा सफर, जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। वह दुनिया के बेहतरीन पैरा तीरंदाजों में शामिल हो गए। हरविंदर को आगे बढ़ाने में उनके परिवार का बड़ा योगदान रहा है। कोरोना के दौरान जब ट्रेनिंग करना मुश्किल हो गया, तब पिता ने खेत में ही आर्चरी की ट्रेनिंग के लिए रेंज बना दिया था।
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