400 साल पुराना देवरिया का सिद्धपीठ हनुमान मंदिर, यहां भक्तों की हर मुराद होती है पूरी

400 साल पुराना देवरिया का सिद्धपीठ हनुमान मंदिर, यहां भक्तों की हर मुराद होती है पूरी
सनातन धर्म में हनुमान जन्मोत्सव एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो हर साल चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस साल हनुमान जन्मोत्सव का त्योहार गुरुवार को पूरे देश में बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। इस शुभ दिन अधिकांश हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रहेगी, जहां विशेष पूजा, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा।

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएमएस)। सनातन धर्म में हनुमान जन्मोत्सव एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो हर साल चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस साल हनुमान जन्मोत्सव का त्योहार गुरुवार को पूरे देश में बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। इस शुभ दिन अधिकांश हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रहेगी, जहां विशेष पूजा, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा।

देश के उन्हीं प्रसिद्ध और अद्भुत हनुमान मंदिरों में से एक उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बारीपुर में स्थित सिद्धपीठ मनोकामनापूर्ण श्री हनुमान जी का लगभग 400 साल पुराना मंदिर है। यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि इसका ऐतिहासिक महत्व भी है।

मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। हनुमान जी के इस मंदिर में मंगलवार और शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। वहीं, रामनवमी और हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर का नजारा अद्भुत रहता है। पूरे दिन मंदिर परिसर में हनुमान जी के दर्शन हेतु भक्तों का सैलाब उमड़ा रहता है।

मंगल मूर्ति हनुमान जी के इस पवित्र मंदिर स्थल पर एक 400 साल पुराना वट वृक्ष आज भी मौजूद है, जो कि इस स्थान को और भी अद्भुत बनाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यह मंदिर एक छोटी झोपड़ी में स्थापित थी, लेकिन आज यह एक भव्य मंदिर के रूप में मौजूद है, जहां पूरे साल हजारों श्रद्धालु और पर्यटक प्रभु के दर्शन के लिए आते हैं।

मंदिर के गर्भगृह में दक्षिणमुखी हनुमान जी की एक दिव्य मूर्ति स्थापित है, जिसके दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं को असीम शांति की अनुभूति होती है। मंदिर में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को शाम में भव्य आरती आयोजित होती है और मंदिर के बगल में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाता है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   1 April 2026 8:49 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story