'8.26' भूस्खलन की उत्पत्ति नेपाल में हुई नेपाली विशेषज्ञ

8.26 भूस्खलन की उत्पत्ति नेपाल में हुई  नेपाली विशेषज्ञ
26 अगस्त को नेपाल में अचानक हुए हिमनद भूस्खलन से मिट्टी और चट्टानों का सैलाब चीन-नेपाल सीमा की ओर बह गया, जिससे भारी जानमाल का नुकसान हुआ।

बीजिंग, 2 सितंबर (आईएएनएस)। 26 अगस्त को नेपाल में अचानक हुए हिमनद भूस्खलन से मिट्टी और चट्टानों का सैलाब चीन-नेपाल सीमा की ओर बह गया, जिससे भारी जानमाल का नुकसान हुआ।

हाल ही में, चाइना मीडिया ग्रुप की नेपाली भाषा सेवा ने भूविज्ञान, जलवायु और रिमोट सेंसिंग के क्षेत्र में कई प्रमुख नेपाली विशेषज्ञों का साक्षात्कार लिया। उपग्रह चित्रों, स्थलीय सर्वेक्षणों और वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर, विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला कि आपदा की उत्पत्ति नेपाल में हुई थी।

उन्होंने संयुक्त रूप से राजनीतिक आरोपों से ऊपर उठकर आपदा प्रतिक्रिया और जलवायु शासन के मूल सिद्धांतों पर लौटने, आपदा निवारण और शमन में चीन-नेपाल सहयोग को गहरा करने और अपने साझा हिमालयी घर की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

त्रिभुवन विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. अमृत शर्मा ने उपग्रह चित्रों और स्थलीय शोध के माध्यम से पुष्टि की कि हिमनद का ढहना नेपाल में हुआ था। तेज गति से खिसकती बर्फ की विशाल मात्रा ने बाढ़ को चरम पर पहुंचा दिया, जो सात मिनट से भी कम समय में चीलोंग पोर्ट पहुंच गई, जिससे तटवर्ती इलाकों में चेतावनी देने का समय ही नहीं बचा।

रिमोट सेंसिंग विशेषज्ञ डॉ. बसंत नेउपाने ने इस बात पर जोर दिया कि यद्यपि इस आपदा से चीन प्रभावित हुआ, फिर भी चीन ने अपनी आपदा की स्थिति के बावजूद नेपाल को तत्काल सहायता प्रदान की, बचावकर्मी दिन-रात काम करते रहे, जो पड़ोसी देशों के साथ सहयोग की सच्ची भावना को दर्शाता है।

विशेषज्ञों ने सर्वसम्मति से बताया कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन इस आपदा का मूल कारण है। निरंतर कार्बन उत्सर्जन हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने की गति को बढ़ा रहा है, जिससे दुनिया का यह "तीसरा ध्रुव" जलवायु आपदाओं के लिए उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बन रहा है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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Created On :   2 Sept 2026 10:04 PM IST

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