आंखें बता देती हैं लिवर की सेहत ठीक है या नहीं, लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

आंखें बता देती हैं लिवर की सेहत ठीक है या नहीं, लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और बढ़ती तनाव के कारण लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। यह समस्या अब सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवा और बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसके शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखता, इसलिए डॉक्टर नियमित स्वास्थ्य जांच में लिवर फंक्शन टेस्ट को शामिल करने की सलाह देते हैं। अगर लिवर की समस्याओं को शुरुआत में पकड़ लिया जाए तो उनका इलाज काफी आसान हो सकता है।

नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और बढ़ती तनाव के कारण लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। यह समस्या अब सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवा और बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसके शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखता, इसलिए डॉक्टर नियमित स्वास्थ्य जांच में लिवर फंक्शन टेस्ट को शामिल करने की सलाह देते हैं। अगर लिवर की समस्याओं को शुरुआत में पकड़ लिया जाए तो उनका इलाज काफी आसान हो सकता है।

हमारा शरीर लिवर की स्थिति के संकेत पहले ही देने लगता है। इनमें सबसे अहम संकेत आंखों से जुड़ा होता है। अगर आंखों का सफेद हिस्सा पीला दिखाई देने लगे तो यह सामान्य थकान नहीं, बल्कि शरीर में बिलीरुबिन नामक पदार्थ बढ़ने का संकेत हो सकता है। मेडिकल विज्ञान के अनुसार, बिलीरुबिन तब बनता है जब लाल रक्त कोशिकाएं टूटती हैं और सामान्य स्थिति में लिवर इसे फिल्टर करके शरीर से निकाल देता है लेकिन जब लिवर ठीक से काम नहीं करता, तो यह पदार्थ शरीर में जमा होने लगता है और सबसे पहले आंखों में पीलापन दिखाई देता है।

डॉक्टरों का कहना है कि आंखों में दिखने वाला यह बदलाव कई बार पीलिया, हेपेटाइटिस, फैटी लिवर या लिवर संक्रमण जैसी समस्याओं का संकेत हो सकता है। अगर इसके साथ त्वचा का रंग पीला हो जाए, यूरिन गहरा पीला आने लगे और लगातार कमजोरी महसूस हो, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए सही जीवनशैली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। संतुलित आहार जैसे हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन लिवर को मजबूत बनाए रखने में मदद करते हैं, जबकि ज्यादा तला-भुना खाना, चीनी, प्रोसेस्ड फूड और शराब का सेवन लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते है, जिससे फैटी लिवर और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

शरीर का वजन नियंत्रित रखना भी लिवर की सेहत के लिए जरूरी है, क्योंकि मोटापा नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग का प्रमुख कारण माना जाता है।

लिवर संक्रमण से बचाव के लिए हेपेटाइटिस ए और बी के टीके भी प्रभावी माने जाते हैं। नियमित व्यायाम और पर्याप्त पानी पीना भी लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

इसके अलावा आंखों में सूखापन, सूजन या आसपास की त्वचा का रंग बदलना भी लिवर से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है।

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Created On :   10 May 2026 6:50 PM IST

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