अदालत के आदेश का पालन सबके लिए अनिवार्य, ममता और अभिषेक सीबीआई जांच में करें सहयोग दिलीप घोष

अदालत के आदेश का पालन सबके लिए अनिवार्य, ममता और अभिषेक सीबीआई जांच में करें सहयोग दिलीप घोष
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने शनिवार को विभिन्न मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कोर्ट के निर्देशों के पालन, केंद्रीय एजेंसियों की जांच, राज्य में औद्योगीकरण और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों पर अपनी बात रखी।

कोलकाता, 11 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने शनिवार को विभिन्न मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कोर्ट के निर्देशों के पालन, केंद्रीय एजेंसियों की जांच, राज्य में औद्योगीकरण और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों पर अपनी बात रखी।

अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामले में कोर्ट के निर्देशों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि अदालत के आदेशों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी के खिलाफ सीबीआई और ईडी की जांच चल रही थी, जिससे बचने के लिए उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया और कानूनी सुरक्षा मांगी।

दिलीप घोष ने सवाल उठाया कि जब अदालत जांच में सहयोग सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दे रही है, तो उसका विरोध क्यों किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर अदालत का सहारा लेना और बाद में उसके निर्देशों का विरोध करना उचित नहीं है।

पश्चिम बंगाल में औद्योगीकरण के मुद्दे पर मंत्री ने दावा किया कि राज्य में उद्योग स्थापित करने की कई कोशिशें हुईं, लेकिन विभिन्न कारणों से उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया गया। जबरन दखलंदाजी, सिंडिकेट सिस्टम और जमीन से जुड़े विवादों के कारण कई उद्योगों को अपना काम बंद करना पड़ा।

दिलीप घोष ने कहा कि नई सरकार आने के बाद कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है और उद्योगपतियों को बेहतर माहौल देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इससे निवेश और नए व्यवसाय शुरू करने की संभावनाएं बढ़ रही हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि इस तरह के बयान केवल भावनात्मक माहौल बनाने और सहानुभूति हासिल करने का प्रयास हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में हत्या, लोगों को प्रताड़ित करने, सिंडिकेट संचालन और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसी घटनाएं सामने आईं। साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने से नहीं रोका जा रहा है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है।

दिलीप घोष ने दोहराया कि यदि कोई व्यक्ति जांच एजेंसियों की कार्रवाई के समय अदालत से राहत मांग सकता है, तो अदालत के निर्देशों का सम्मान करते हुए जांच में सहयोग भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।

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Created On :   11 July 2026 11:07 AM IST

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