अंडमान-निकोबार क्षेत्र में रणनीतिक फायरिंग, हवाई गतिविधियों के लिए नोटिस जारी

अंडमान-निकोबार क्षेत्र में रणनीतिक फायरिंग, हवाई गतिविधियों के लिए नोटिस जारी
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के क्षेत्र में 20 से 22 अक्टूबर तक संभावित हवाई गतिविधियों को लेकर नोटिस जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार कमान की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह गतिविधि तीनों दिन सुबह 10 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक निर्धारित है। इस अवधि के लिए संबंधित समुद्री नोटिस (नोटमएआर) जारी किया गया है।

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के क्षेत्र में 20 से 22 अक्टूबर तक संभावित हवाई गतिविधियों को लेकर नोटिस जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार कमान की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह गतिविधि तीनों दिन सुबह 10 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक निर्धारित है। इस अवधि के लिए संबंधित समुद्री नोटिस (नोटमएआर) जारी किया गया है।

अंडमान-निकोबार क्षेत्र में रणनीतिक फायरिंग की संभावना के चलते यह नोटिस जारी किया गया है। अंडमान-निकोबार द्वारा उपलब्ध जानकारी में गतिविधि की प्रकृति का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। हालांकि, इसे संभावित रणनीतिक फायरिंग गतिविधि से जोड़कर बताया गया है। दरअसल, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह हिंद महासागर के महत्वपूर्ण सामरिक क्षेत्र में स्थित है। यहां भारतीय सशस्त्र बलों की गतिविधियां समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय निगरानी के लिहाज से अहम हैं।

बता दें कि अंडमान और निकोबार कमान भारत की एकमात्र संयुक्त सैन्य संचालन कमान भी है। इसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना की क्षमताएं एक साथ काम करती हैं। हिंद महासागर और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा के लिहाज से इस कमान की महत्वपूर्ण भूमिका है। (नोटमएआर) नाविकों के लिए एक ऐसी सूचना होती है, जिसके माध्यम से समुद्री नौवहन की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण विषयों के बारे में नाविकों को जानकारी दी जाती है। इसमें नए जल सर्वेक्षण संबंधी आंकड़े, समुद्री मार्गों में बदलाव, नौवहन में सहायता करने वाले साधनों में परिवर्तन और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी शामिल हो सकती हैं।

समुद्र में हवाई गतिविधियों भी इसमें शामिल हैं। समुद्री नौवहन के लिए मानचित्र तैयार करने वाले 60 से अधिक देश भी ऐसी सूचनाएं जारी करते हैं। इनमें से लगभग एक-तिहाई देश छोटे अंतराल में आवश्यकता के अनुसार ये सूचनाएं जारी करते हैं। इस का उद्देश्य समुद्री नाविकों को पूर्व सूचना देना होता है ताकि वे समय रहते अपनी यात्रा व्यवस्थित कर सकें। वहीं, नोटम की बात करें तो इस वर्ष की शुरुआत में भारतीय वायुसेना ने ‘वायुशक्ति–26’ के जरिए अपनी क्षमता व शक्ति का जबरदस्त प्रदर्शन किया था। यह अभ्यास भारत-पाकिस्तान सीमा के समीप आयोजित हो रहा था, इसलिए नियम के अनुसार हवाई आवाजाही को लेकर यहां नोटम जारी किया गया था।

भारतीय वायुसेना ने यहां ‘वायुशक्ति’ का प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन पाकिस्तान बॉर्डर के समीप 27 फरवरी को राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण रेंज में हुआ था। यहां ‘वायुशक्ति–26’ नाम से बड़ा युद्धाभ्यास था। इस अभ्यास में ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की सफलता का भी जिक्र था। इससे यह स्पष्ट संदेश दिया गया था कि भारतीय वायुसेना हवा में दबदबा बनाने और लंबी दूरी तक सटीक वार करने में पूरी तरह सक्षम है। इस अभ्यास में वायुसेना अपनी ताकत और तैयारी का प्रदर्शन किया था। एक खास बात यह भी है कि यह अभ्यास दिन, सांझ और रात तीनों परिस्थितियों में संचालित हुआ था। अलग अलग मिशनों के जरिए वायुसेना ने 24 घंटे की युद्ध तत्परता दर्शाई।

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Created On :   19 Oct 2026 6:24 PM IST

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