एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल कड़ी मेहनत का इनाम, मैंने अपना 100 प्रतिशत दिया एंसी सोजन
नागोया, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय एथलीट एंसी सोजन ने कहा कि थकान और किस्मत की वजह से वह सिर्फ दो सेंटीमीटर से अपना पहला एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीतने से चूक गईं। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतना मेरी कड़ी मेहनत का इनाम है।
रविवार की बारिश वाली शाम को नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारत की टॉप लॉन्ग जंपर (लंबी कूद की खिलाड़ी) ने शुरुआत में तो आसानी से बढ़त बनाए रखी, लेकिन आखिर में वह दूसरे स्थान पर आ गईं। एंसी ने अपनी आखिरी तीन जंप में थकान और फिसलन भरे ट्रैक का सामना किया, जो आखिर में निर्णायक साबित हुईं।
'साई मीडिया' के साथ खास बातचीत में एंसी ने कहा, "मैं आगे चल रही थी और भगवान से प्रार्थना कर रही थी कि वे मुझे निराश न करें। मुझे लगा कि 6.55 मीटर कुछ भी नहीं है और मैं 6.60 मीटर से ज्यादा की कोशिश कर रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। दुर्भाग्य से वह दिन मेरा नहीं था और मेरे पास अपनी किस्मत को स्वीकार करने के अलावा कोई चारा नहीं था।"
एंसी ने कहा, "एशियन गेम्स का सिल्वर मेडल इस सीजन में मेरी कड़ी मेहनत का इनाम है। यह बहुत लंबा सीजन था और मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैंने कड़ी टक्कर दी और आइची-नागोया में अपना 100 प्रतिशत दिया, लेकिन वह दिन मेरा नहीं था।" एंसी के लिए 2026 एक शानदार साल रहा है। केरल के त्रिशूर की रहने वाली 25 वर्षीय एंसी ने एशियाई इनडोर चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल के साथ शुरुआत की और एशियन गेम्स में अपने दूसरे सिल्वर मेडल के साथ समापन किया।
एक बड़ी उपलब्धि तब मिली जब एंसी ने भुवनेश्वर में नेशनल इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 6.88 मीटर की शानदार जंप लगाई और अंजू बॉबी जॉर्ज के 6.83 मीटर के 22 साल पुराने भारतीय नेशनल रिकॉर्ड को तोड़ा। जब एंसी और शैली सिंह आइची-नागोया में मुकाबला कर रही थीं, तो वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट अंजू ट्रैक के पास मौजूद थीं।
एंसी ने कहा, "वह मेरे पास आईं और मुझे अपनी लैंडिंग को और आगे बढ़ाने के टिप्स दिए। उन्होंने मेरा बहुत हौसला बढ़ाया और मुझे यह बहुत अच्छा लगा।"
एंसी दिसंबर 2021 से 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' की एथलीट रही हैं। उन्होंने 2023 हांग्जो एशियन गेम्स में लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतकर सुर्खियां बटोरी थीं। उनके मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उम्मीद थी कि इस बार जापान में वह अपने मेडल का रंग बदल पाएंगी।
एंसी ने कहा, "मैं मानसिक रूप से तैयार थी कि चीनी खिलाड़ी मुझे कड़ी टक्कर देंगी। फिर जब मैं यहां पहुंची तो बारिश हो रही थी। मुझे इन हालात में कोई रास्ता निकालना था। भारतीय नौसेना की सदस्य होने के नाते हार मान लेना मेरे स्वभाव में नहीं है। मैंने खुद से कहा कि मैं आखिर तक लड़ूंगी। मैं पूरी तरह से दबाव-मुक्त थी, लेकिन शायद आखिरी तीन जंप में मेरा शरीर मेरा साथ नहीं दे रहा था।"
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Created On :   1 Oct 2026 10:43 AM IST












