ऑस्ट्रेलिया का इजरायल पर रुख सख्त, पूर्व विदेश मंत्री ने उठाए सवाल
कैनबरा, 9 सितंबर (आईएएनएस)। इजरायल ने अल्बनीज सरकार के उस फैसले की तारीफ की है जिसमें उसने यूनाइटेड किंगडम की तरह उस पर बैन लगाने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विदेश मंत्री और लेबर पार्टी नेता बॉब कार ने इस फैसले को हैरान करने वाला और 'कायरतापूर्ण' करार दिया है।
दरअसल, मंगलवार को विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा, "कैनबरा इजरायली बस्तियों और वहां होने वाली हिंसा को रोकने के लिए नए लक्षित प्रतिबंधों पर काम कर रहा है।" हालांकि, ऑस्ट्रेलिया फिलहाल ब्रिटेन की तरह इन बस्तियों से आने वाले सामान पर व्यापक व्यापार प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं है।
वहीं, बुधवार को ऑस्ट्रेलिया में इजरायल के राजदूत हिलेल न्यूमैन से जब इसे लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "हम इसकी बहुत तारीफ करते हैं।"
उन्होंने कहा, "ऑस्ट्रेलिया का यह निर्णय समझदारी भरा था। उस रास्ते पर चलना ब्रिटेन की गलती थी। इसके पीछे कोई तर्क नहीं है। यह गलत धारणाओं पर आधारित है और इसका कोई नतीजा नहीं निकलने वाला है।"
इसके उलट, 2012 से 2013 तक विदेश मंत्री रहे कार ने कहा कि उन्हें इस बात पर "बहुत हैरानी" हुई कि ऑस्ट्रेलिया उन 11 देशों में शामिल नहीं हुआ, जिन्होंने यूके की अगुवाई में जारी संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए थे।
वेस्ट बैंक को लेकर इजरायली रुख के धुर आलोचक कार ने आगे कहा, "हम ऐसा रुख अपनाने को लेकर पूरी तरह से कूटनीतिक रूप से सहज हो सकते थे क्योंकि हमारे 'हम-ख्याल' देश पहले ही ऐसा कर चुके हैं। इसके बजाय, हम कायर और डरे हुए लग रहे हैं।"
बता दें, ब्रिटेन ने इस सप्ताह बड़ा कदम उठाते हुए कब्जे वाले वेस्ट बैंक की इजरायली बस्तियों से होने वाले सामान के व्यापार पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। ब्रिटिश विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने वेस्ट बैंक में कुछ इलाकों में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई को ‘जातीय सफाए’ से जोड़ा और कहा कि बस्तियों का विस्तार अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। ब्रिटेन के साथ फ्रांस और कनाडा समेत कई देशों ने भी इसी तरह के कदमों की घोषणा या उन पर विचार शुरू किया है।
ऑस्ट्रेलिया का रास्ता फिलहाल इससे अलग है। पेनी वोंग के मुताबिक, सरकार ‘ब्लैंकेट’ यानी व्यापक आयात प्रतिबंध नहीं लगाएगी। उनका तर्क है कि ऐसे प्रतिबंधों के ऑस्ट्रेलियाई कारोबार, इजरायलियों और फिलिस्तीनियों पर अनपेक्षित प्रभाव पड़ सकते हैं। इसके बजाय सरकार अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर लक्षित कदम उठाना चाहती है।
वोंग ने हालांकि इजरायली सरकार की नीतियों पर बेहद तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वेस्ट बैंक में हिंसा और बस्तियों का लगातार विस्तार दो-राष्ट्र समाधान की संभावना को खत्म कर रहा है। उन्होंने फिलिस्तीनियों के खिलाफ संपत्ति नष्ट करने, परिवारों को विस्थापित करने, यातना, यौन हिंसा और हत्या जैसी घटनाओं को रोकने की मांग की।
यह पहली बार नहीं है जब ऑस्ट्रेलिया ने इजरायली बसने वालों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए हैं। जुलाई 2024 में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा में शामिल सात इजरायली व्यक्तियों पर लक्षित वित्तीय प्रतिबंध और यात्रा प्रतिबंध लगाए थे तथा एक संस्था पर भी वित्तीय प्रतिबंध लगाया था।
ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा जैसे प्रमुख पश्चिमी देश इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर धीरे-धीरे अधिक अलग-अलग और कठोर नीतिगत कदम उठा रहे हैं। इससे पश्चिमी देशों की पारंपरिक इजरायल नीति में बदलाव की तस्वीर उभरती है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया का ब्रिटेन से अलग रहना यह भी दिखाता है कि अभी भी विभिन्न देशों में इजरायल पर दबाव बढ़ाने और इजरायल के साथ रणनीतिक रिश्ते बनाए रखने के बीच संतुलन को लेकर मतभेद हैं। ऑस्ट्रेलिया ने प्रतिबंधों का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया है, बल्कि लक्षित प्रतिबंधों को प्राथमिकता दी है।
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Created On :   9 Sept 2026 12:53 PM IST












