अवैध कोयला खनन पर सीआईएसएफ की कार्रवाई, 428 मीट्रिक टन से अधिक कोयला बरामद

अवैध कोयला खनन पर सीआईएसएफ की कार्रवाई, 428 मीट्रिक टन से अधिक कोयला बरामद
केंद्र सरकार की ‘जीरो कोल लीकेज’ पहल को मजबूत करते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अवैध कोयला खनन, चोरी, बिना अनुमति भंडारण और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। यह अभियान झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों में एमएमडीआर एक्ट, 1957 के तहत चलाया जा रहा है।

नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की ‘जीरो कोल लीकेज’ पहल को मजबूत करते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अवैध कोयला खनन, चोरी, बिना अनुमति भंडारण और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। यह अभियान झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों में एमएमडीआर एक्ट, 1957 के तहत चलाया जा रहा है।

सीआईएसएफ ने कोल इंडिया की सहायक कंपनियों, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के साथ मिलकर खुफिया जानकारी के आधार पर कई अभियान चलाए। इन कार्रवाइयों के दौरान 428 मीट्रिक टन से अधिक अवैध रूप से खनन, भंडारित और परिवहन किए जा रहे कोयले को बरामद किया गया।

सीआईएसएफ ने इस मामले में 4 एफआईआर दर्ज की हैं। इसके अलावा अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों और उपकरणों को जब्त कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

यह कार्रवाई बीसीसीएल, ईसीएल और सीसीएल के क्षेत्रों में की गई। अभियान के दौरान मानव खुफिया जानकारी, ड्रोन निगरानी, अचानक निरीक्षण और परिवहन मार्गों की निगरानी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।

सीआईएसएफ ने कहा कि इन कार्रवाई का उद्देश्य देश के बहुमूल्य खनिज संसाधनों की सुरक्षा करना और अवैध खनन पर रोक लगाना है।

इससे पहले 5 जुलाई को केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अवैध कोयला खनन और कोयले की चोरी से जुड़ी स्थिति की समीक्षा के लिए नई दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय कोयला सचिव और कोयला मंत्रालय, सीआईएसएफ, कोल इंडिया लिमिटेड तथा बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे।

बैठक के दौरान गृह मंत्री ने धनबाद और आसपास के इलाकों में अवैध कोयला खनन और चोरी की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई। कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने बैठक में गृह मंत्री को बताया कि अक्टूबर 2025 के पहले हफ्ते में हुई समीक्षा के बाद से कई ठोस कदम उठाए गए हैं। यह भी बताया गया कि सीआईएसएफ और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों को ‘खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957’ के तहत कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।

उन्होंने बताया कि यह अधिकार उन्हें कोर्ट में केस करने, ऐसी जगहों पर जाने जहां अवैध कोयला होने का शक हो, तलाशी और जब्ती की कार्रवाई करने, और अवैध रूप से निकाले गए खनिजों के साथ-साथ ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल किए गए औजारों, उपकरणों और गाड़ियों को जब्त करने की इजाजत देता है।

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Created On :   9 July 2026 11:26 PM IST

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