अयोध्या केवल तीर्थ नहीं, हमारी जड़ें और राष्ट्र की प्रेरणा एलजी मनोज सिन्हा

अयोध्या केवल तीर्थ नहीं, हमारी जड़ें और राष्ट्र की प्रेरणा  एलजी मनोज सिन्हा
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित 8वें अयोध्या पर्व में भाग लिया। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में श्री अयोध्या न्यास द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने प्रभु श्री राम की चेतना और अयोध्या के शाश्वत महत्व पर गहन विचार रखे।

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित 8वें अयोध्या पर्व में भाग लिया। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में श्री अयोध्या न्यास द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने प्रभु श्री राम की चेतना और अयोध्या के शाश्वत महत्व पर गहन विचार रखे।

उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि अयोध्या महज एक शहर या तीर्थस्थल नहीं है, बल्कि सभ्यता का उद्गम स्थल और मानव चेतना का शाश्वत स्रोत है। उन्होंने कहा, "जब हम अयोध्या का आह्वान करते हैं, तो हम उसी चेतना को जगाते हैं जो प्रभु श्री राम का आशीर्वाद है और जिसने मानव सभ्यता को अर्थ प्रदान किया है। अयोध्या को समझना किसी भूगोल को समझना नहीं, बल्कि स्वयं को समझना है।"

मनोज सिन्हा ने अयोध्या को वर्तमान की जीवंत चेतना और भविष्य की दिशा-निर्देशक बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अयोध्या हमारी जड़ें हैं और राष्ट्र की गतिशील प्रेरणा है। उन्होंने कहा, "अयोध्या हमें अपनी आंतरिक चेतना जगाने का आह्वान कर रही है। यह विश्वास दिलाती है कि बाधाएं कितनी भी बड़ी हों या समय कितना भी बदल जाए, यदि आस्था और जागरूकता जीवित रहे तो परंपरा कभी समाप्त नहीं होती।"

उपराज्यपाल ने अयोध्या को नैतिक मूल्यों, सिद्धांतों और संतुलन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या हमें याद दिलाती है कि प्रगति का अर्थ अपनी जड़ों को छोड़ना नहीं है। उन्होंने कहा, "जीवन केवल गति के बारे में नहीं, बल्कि सही दिशा के बारे में भी है। आज के वैश्विक परिदृश्य में अयोध्या एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रही है।"

मनोज सिन्हा ने विश्व को भगवान राम के सदाचार, धर्म, कर्तव्य और त्याग के आदर्शों से सीखने की अपील की। उन्होंने कहा कि राम का जीवन साबित करता है कि सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वालों की अंततः विजय होती है। अयोध्या कर्तव्य, गरिमा, करुणा, त्याग और संतुलन को जीने का प्रतीक है, जहां शक्ति और संवेदनशीलता साथ चलती हैं।

उन्होंने अयोध्या को भारत की वैश्विक पहचान, आर्थिक शक्ति और सांस्कृतिक निरंतरता का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उपराज्यपाल ने जोर दिया कि अयोध्या भारत की 'सॉफ्ट पावर' का केंद्र बन सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अयोध्या को सभ्यतागत केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "राष्ट्रों की असली ताकत उनकी सांस्कृतिक गहराई और सभ्यतागत जड़ों में होती है। अयोध्या का प्रभाव केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में महसूस किया जा सकता है।"

कार्यक्रम में श्री मणिराम दास छावनी के महंत कमल नयन दास, आईजीएनसीए अध्यक्ष राम बहादुर राय, आरएसएस नेता सुरेश भैयाजी जोशी, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, पूर्व सांसद अशोक बाजपेयी, लल्लू सिंह और आईजीएनसीए सदस्य सचिव सच्चिदानंद जोशी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

उपराज्यपाल के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर भी इस कार्यक्रम की जानकारी साझा की और अयोध्या की शाश्वत ज्योति को आगे बढ़ाने पर बल दिया।

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Created On :   3 April 2026 8:53 PM IST

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