दक्षिण कोरिया-फ्रांस ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति

दक्षिण कोरिया-फ्रांस ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो ने होर्मुज स्‍ट्रेट के माध्यम से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने और मध्य पूर्व में युद्ध के व्यापक प्रभाव को कम करने के लिए साथ काम करने पर सहमति जताई है।

सियोल, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो ने होर्मुज स्‍ट्रेट के माध्यम से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने और मध्य पूर्व में युद्ध के व्यापक प्रभाव को कम करने के लिए साथ काम करने पर सहमति जताई है।

ली ने मैक्रो के साथ शिखर वार्ता के दौरान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में अनिश्चितताओं को लेकर अपनी चिंताओं को साझा किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने आर्थिक संबंधों को गहरा करने और सुरक्षा मामलों में समन्वय मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

ली ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा, "राष्ट्रपति मैक्रो और मैंने यह सहमति जताई कि हम नीतिगत अनुभव और रणनीतियों को साझा करेंगे ताकि मध्य पूर्व युद्ध से उत्पन्न आर्थिक और ऊर्जा संकट का संयुक्त रूप से समाधान किया जा सके। हमने वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता कम करने के लिए साथ काम करने पर भी सहमति जताई।"

उन्होंने कहा, "हमने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए परमाणु और समुद्री पवन ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और होर्मुज स्‍ट्रेट के माध्यम से सुरक्षित समुद्री परिवहन मार्ग सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।"

योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, मैक्रो ने भी इस बात पर जोर दिया कि फ्रांस और दक्षिण कोरिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होर्मुज जलसंधि को फिर से खोलने और मध्य पूर्व में संघर्ष को कम करने के लिए सहयोग करना चाहिए।

ली ने कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश बढ़ाने पर भी सहमति जताई और 2030 तक वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 20 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया, जो पिछले वर्ष 15 बिलियन डॉलर था।

क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों ने कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।

उन्होंने उन्नत तकनीकों और भविष्य के उद्योगों (कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और क्वांटम तकनीक) में सहयोग बढ़ाने और विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर मंत्रीस्तरीय संयुक्त समिति स्थापित करने का भी संकल्प लिया।

दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग पर एक पत्र पर भी हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य दक्षिण कोरिया की विनिर्माण क्षमताओं को फ्रांस की प्रसंस्करण तकनीक और बुनियादी ढांचे के साथ जोड़ना है।

राज्य-स्वामित्व वाली कोरिया हाइड्रो एंड न्यूक्लियर पावर ने फ्रांसीसी परमाणु कंपनियों ओरानो और फ्रमैटोम के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। साथ ही फ्रांस की ईडीएफ के साथ एक अलग एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जिसमें दक्षिण-पश्चिमी शहर यॉन्गग्वांग में एक समुद्री पवन ऊर्जा संयंत्र के संयुक्त विकास पर काम किया जाएगा।

ली ने उम्मीद जताई कि ये समझौते दक्षिण कोरिया के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए कच्चे माल की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे और वैश्विक बाजार में संयुक्त प्रवेश का आधार तैयार करेंगे।

उन्होंने अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग करने की योजनाओं का भी उल्लेख किया और दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत एजेंसियों के बीच हस्ताक्षरित एमओयू के मद्देनजर सांस्कृतिक क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के प्रयासों का वादा किया।

वार्ता के दौरान ली ने कहा कि उन्होंने सियोल की प्रयासों के बारे में बताया ताकि प्योंगयांग के साथ संवाद फिर से शुरू किया जा सके और कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति को बढ़ावा दिया जा सके, जबकि मैक्रो ने प्रायद्वीप पर शांति और स्थिरता के प्रति पेरिस के समर्थन की पुष्टि की।

ली ने कहा, "हम दोनों नेताओं ने गहन समझ साझा की कि कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति का असर न केवल उत्तर पूर्व एशिया और यूरोप में बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों में भी है।"

ली ने कहा कि सियोल और पेरिस ने भविष्य की रणनीतिक उद्योगों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया है, जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और रक्षा, और अंतरराष्ट्रीय मंच पर समन्वय को गहरा करने की आशा व्यक्त की।

उन्होंने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय के जिम्मेदार सदस्य के रूप में दोनों देश वैश्विक परिदृश्य में तेजी से बदलावों का जवाब देने के लिए भी साथ काम कर रहे हैं।"

ली ने कहा कि मैक्रो ने जून में फ्रांस के एवियन में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में औपचारिक आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। यदि वह इसमें शामिल होते हैं तो यह उनका कनाडा में पिछले साल के बाद लगातार दूसरा जी7 शिखर सम्मेलन होगा।

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Created On :   3 April 2026 10:28 PM IST

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