बाला साहेब के सिद्धांतों से समझौता ही उद्धव ठाकरे के पतन की वजह राम कदम

बाला साहेब के सिद्धांतों से समझौता ही उद्धव ठाकरे के पतन की वजह राम कदम
भाजपा नेता रामकदम ने केतन अग्रवाल मर्डर केस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शनिवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में सीएम देवेंद्र फडणवीस का जिक्र करते हुए कहा कि वो बहुत ही संवेदनशील व्यक्ति हैं। वो समझते हैं कि एक मां और पिता का दर्द क्या होता है? स्वभाविक रूप से इस परिवार को न्याय दिलाने के लिए सीएम ने उज्ज्वल निकम से बात की और बाकायदा सरकारी वकील की भी नियुक्ति की है, ताकि परिवार को न्याय मिल सके।

मुंबई, 27 जून (आईएएनएस)। भाजपा नेता रामकदम ने केतन अग्रवाल मर्डर केस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शनिवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में सीएम देवेंद्र फडणवीस का जिक्र करते हुए कहा कि वो बहुत ही संवेदनशील व्यक्ति हैं। वो समझते हैं कि एक मां और पिता का दर्द क्या होता है? स्वभाविक रूप से इस परिवार को न्याय दिलाने के लिए सीएम ने उज्ज्वल निकम से बात की और बाकायदा सरकारी वकील की भी नियुक्ति की है, ताकि परिवार को न्याय मिल सके।

भाजपा नेता रामकदम के मुताबिक, दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस प्रकार की घटनाएं आगामी भविष्य में नहीं हो। इस तरह का प्रयास हमें आम लोगों के बीच में अपनी कार्रवाई के दम पर देना होगा, ताकि फिर इस तरह की घटनाएं न हो।

इसके अलावा, उन्होंने उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे पैसेंजर विमान से यात्रा करने वाले राजनेता हैं। वो आज तक चार्टर प्लान से नागपुर नहीं आए हैं। अब ऐसी स्थिति में उन पर क्या ही रिएक्ट करूं। ये लोगों के बीच का नेता नहीं हैं, इसलिए उनकी मुलाकात को संयोग कहना ज्यादा उचित रहेगा। राजनीति के इतर दोनों के बीच पारिवारिक रिश्ते रहे हैं। ऐसी स्थिति में उनके मुलाकात को ज्यादा विश्लेषणात्मक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। यह कोई तयशुदा मुलाकात नहीं थीं। खेत उजड़ने के बाद अगर कोई उसकी निगरानी के लिए निकले, तो उसका कितना अर्थ होता है, यह लोग सभी जानते हैं। अब सांसद छोड़कर गए हैं। अब चर्चा है कि आगामी दिनों में विधायक भी उनका साथ छोड़ सकते हैं।

भाजपा नेता रामकदम ने कहा कि उद्धव ठाकरे सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। लोगों की संवेदनाएं क्या होती हैं, लोगों का दुख दर्द क्या होता है, कैसे लोगों से मिला जाता है, कैसे लोगों की तकलीफ जानी जाती है। इन सब बातों के बारे में उन्हें नहीं पता है। यही वजह है कि आज उनकी राजनीतिक स्थिति ऐसी बनी हुई है। उनकी आंखों के सामने वो अपने राजनीतिक दल का अस्त होते हुए देख रहे हैं। देखिए, मैं भी चार बार विधायक रह चुका हूं। जहां तक मुझे जानकारी है कि लोग अब उनसे ऊब चुके हैं। जिस समय उन्होंने बाला साहेब ठाकरे के सिद्धांत के साथ गद्दारी की, उसी समय उनके पतन की कहानी शुरू हो गई।

साथ ही, उन्होंने राम मंदिर दानपात्र में हुए घपलेबाजी को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, जिन लोगों ने यह कुकृत्य किया है, अगर उन्हें बीच चौराहे पर कौड़े से भी मारा जाए, तो मैं समझता हूं कि कम है लेकिन कानून अपना काम कर रही है। उन पर कड़ी कार्रवाई कर रही है। एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है। 500 साल के इंतजार के बाद प्रधानमंत्री के शासनकाल में यह राम मंदिर बना। लोग इस विषय को लेकर अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश नहीं करें। यही निवेदन होगा।

वहीं, उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, यह कांग्रेस की गलती थी कि इसे लागू नहीं किया गया। आखिर सभी प्रांतों के कानून कैसे अलग हो सकते हैं। प्रांतों की प्रशासनिक कार्यशैली अलग होती है। हमें इस यूसीसी का समर्थन करना होगा।

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Created On :   27 Jun 2026 2:47 PM IST

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