बंगाल में चार हजार ईवीएम जलने पर इमरान मसूद ने जताई चिंता, बोले- देश को अब जागने की जरूरत

बंगाल में चार हजार ईवीएम जलने पर इमरान मसूद ने जताई चिंता, बोले- देश को अब जागने की जरूरत
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ईवीएम के कथित दुरुपयोग लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में हाल की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चिंता पैदा करती हैं और जनता को इस पर जागरूक होने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं और केंद्र सरकार की नीतियों पर की आलोचना की और विपक्षी एकता को राहुल गांधी के नेतृत्व में मजबूत करने की बात कही।

सहारनपुर, 13 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ईवीएम के कथित दुरुपयोग लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में हाल की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चिंता पैदा करती हैं और जनता को इस पर जागरूक होने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं और केंद्र सरकार की नीतियों पर की आलोचना की और विपक्षी एकता को राहुल गांधी के नेतृत्व में मजबूत करने की बात कही।

इमरान मसूद ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "अब देश को जाग जाना चाहिए। बंगाल और मध्य प्रदेश में जो कुछ हुआ है, उससे यह संकेत मिलता है कि लोकतंत्र का कोई मायना नहीं है। अगर देश में लोकतंत्र नहीं रहेगा तो गरीब आदमी की आवाज भी खत्म हो जाएगी। अब समझ लेना चाहिए कि देश लोकतंत्र के खात्मे की ओर जा रहा है।"

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उपयोग होने वाली 4000 ईवीएम जलकर खाक होने पर उन्होंने कहा, "ईवीएम तानाशाही और अराजकता का प्रतीक बन गया है। चुनावी अनियमितताओं की बात सामने आई तो ईवीएम पर भी सवाल खड़े हुए। अब ईवीएम को जला दिया गया। यह जो स्थिति बनी है, वह गंभीर है। जहां भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, वह लोकतंत्र के लिए सही संकेत नहीं हैं। अब देश को सोचने और समझने की जरूरत है कि यह सब कहां जा रहा है।" उन्होंने कहा, "जहां भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, वहां सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।"

विपक्षी एकता और अखिलेश यादव के बयानों पर पूछे गए सवाल पर इमरान मसूद ने कहा, "यह तो अखिलेश यादव को तय करना है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में विपक्षी दलों को एकजुट होना चाहिए। इन हालात से निपटने के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में ही मजबूत लड़ाई लड़ी जा सकती है। असली लड़ाई राहुल गांधी के नेतृत्व में ही होगी। इन अलग-अलग बातों से कोई फायदा नहीं है।"

विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "सरकार कई मामलों में कड़े फैसले लेने में असमर्थ दिखती है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री कहीं भी जाएं, लेकिन देश की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।"

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Created On :   13 Jun 2026 11:57 PM IST

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