भारत-यूके एफटीए की शुरुआत, भरूच से ब्रिटेन रवाना हुई ब्रेक पार्ट्स की पहली खेप
नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच हुए फ्री ट्रेड डील के तहत बुधवार को भरूच जिले के झगड़िया जीआईडीसी स्थित ब्रेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की फ्लोमेटालिक यूनिट से पहले निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर आईएएस अधिकारी अनुपम कुमार (डीजीएफटी), भरूच के सांसद मनसुखभाई वसावा, सेवंतुभाई वसावा, और रवजीभाई वसावा उपस्थित रहे।
यूके के लिए रवाना की गई खेप में रेनो कंपनी के लिए तैयार किए गए ब्रेक के लोहे के कास्टिंग के 13,200 नग भेजे गए हैं, जिनका कुल वजन 25,656 किलोग्राम तथा कुल मूल्य 39,020 यूरो है।
इस मौके पर सांसद मनसुखभाई वसावा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश को 'विकसित भारत' बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। इसी पहल के तहत गुजरात के भरूच जिले के झगड़िया जीआईडीसी ब्रेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में तैयार गाड़ियों के ब्रेकिंग सिस्टम से जुड़ी बहुत सारी चीजें यूके के लिए रवाना की गई हैं।
आईएएस अधिकारी अनुपम कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' के विजन को आज साकार रूप मिल रहा है। भारत-यूके एफटीए आज से लागू हो गया है। इस समझौते के बाद हमारे मूल्यवान उत्पाद जैसे टेक्सटाइल, गारमेंट्स, ज्वेलरी प्रोडक्ट्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, मशीन पार्ट्स और फार्मा उत्पाद इनको बहुत फायदा मिलेगा। इसके अलावा किसान भाइयों के तैयार फसल और अन्य खाद्य वस्तुओं को भी लाभ मिलेगा। यह सब यूके में ड्यूटी फ्री रहेंगे।
अनुपम कुमार ने कहा कि ये यूके एग्रीमेंट ही हमारे लिए एक 'मॉडल समझौता' है, क्योंकि जब यूके एग्रीमेंट साइन हुआ तो उसके बेसिस पर इंडिया-ईयू एग्रीमेंट भी हुआ। ईयू, यूरोपियन यूनियन, एक बड़ा बाजार है। तो अब अगले वर्ष इंडिया-ईयू एग्रीमेंट भी इंप्लीमेंट होगा।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन है कि हमें ज्यादा से जयादा विकसित देशों के साथ एफटीए साइन करना है, ताकि हमारे प्रोडक्ट सस्ते और किफायती रेट पर विकसित देशों में बिक सकें और हमारे उद्यमियों को ज्यादा से ज्यादा फायदा हो। हमारे उद्यमियों के लिए बहुत बड़ी बात है कि उनके जो भी उत्पाद हैं, चाहे वो फार्मा सेक्टर या केमिकल सेक्टर या पेट्रोकेमिकल्स सेक्टर या किसी भी सेक्टर में हों, आप अपने उत्पाद प्रतिस्पर्धी दर पर यूके में बेच सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा ग्लोबल सप्लाई चेन, जिसमें यदि आप कंपोनेंट मैन्युफैक्चर कर रहे हैं या कोई भी रॉ मटेरियल या इंटरमीडिएट्स प्रोड्यूस कर रहे हैं, तो उसमें भी आपके लिए एक बहुत ही बड़ा मार्केट खुल रहा है, जो हमारे एफटीए की श्रृंखला में एक बहुत ही अहम हिस्सा है। उन्होंने बताया कि इंडिया-यूके एफटीए से पहले इंडिया-यूएई, इंडिया-ऑस्ट्रेलिया, इंडिया-ओमान एग्रीमेंट साइन हो चुके हैं और इससे हमारे उद्यमियों को पहले ही फायदा हो रहा है।
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Created On :   15 July 2026 10:09 PM IST












