भ्रष्ट अधिकारियों की जब्त संपत्ति पर छात्रावास और धर्मशाला बनाने की मांग, जदयू ने त्वरित कार्रवाई की अपील की
पटना, 10 जून (आईएएनएस)। बिहार में सत्तारूढ़ जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि बिहार सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उनकी अवैध संपत्तियों को केवल जब्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें जनहित के कार्यों में उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने बुधवार को कहा कि विशेष निगरानी इकाई द्वारा गिरफ्तार किए गए अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर अकूत संपत्ति अर्जित की है।
नीरज कुमार ने कहा कि जिन अधिकारियों के पास करोड़ों रुपए की अवैध संपत्ति मिली है, उनकी संपत्तियों पर स्पष्ट रूप से यह अंकित किया जाना चाहिए कि उन्हें भ्रष्टाचार के कारण जब्त किया गया है। जदयू प्रवक्ता ने कार्यपालक अभियंता तारिणी दास का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी जब्त जमीन पर दलित छात्रों के लिए छात्रावास स्थापित किया जाना चाहिए। वहीं, अभियंता उमेश कुमार सिंह की संपत्ति का उपयोग इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए छात्रावास बनाने में किया जाए, ताकि समाज को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
नीरज कुमार ने मुमुक्ष चौधरी की गयाजी स्थित संपत्ति का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उस संपत्ति का उपयोग पिंडदान करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए धर्मशाला निर्माण में करे। उन्होंने कहा कि इससे उनके नाम की भी सार्थकता सिद्ध होगी और समाज को एक उपयोगी सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा अपनाई गई भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने न्यायपालिका से भी अनुरोध किया कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कर भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित निर्णय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध करने वाले लोग समाज और राज्य के लिए घातक हैं तथा उनके खिलाफ अविलंब कार्रवाई पूरी होनी चाहिए।
बता दें कि सरकारी ठेकों में कथित कमीशनखोरी, अकूत भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े बहुचर्चित रिशु श्री मामले में जांच एजेंसियों ने एक्शन तेज कर दिया है। विशेष निगरानी इकाई की ताबड़तोड़ कार्रवाई के तहत अब तक संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी और दो बड़े इंजीनियरों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं आईएएस अधिकारी संजीव हंस की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार होने वालों में वित्त विभाग की अधिकारी मुमुक्षु चौधरी, तारिणी दास और इंजीनियर उमेश कुमार सिंह शामिल हैं। वहीं इस मामले में आईएएस अधिकारी संजीव हंस फरार हैं।
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Created On :   10 Jun 2026 4:46 PM IST












