बिहार राजद एमएलसी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों के आंदोलन में राजनीतिक दल की भूमिका नहीं

बिहार  राजद एमएलसी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों के आंदोलन में राजनीतिक दल की भूमिका नहीं
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी ने पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्र आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए लगातार झूठ बोल रही है।

पटना, 23 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी ने पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्र आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए लगातार झूठ बोल रही है।

विधानमंडल परिसर में गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सिद्दीकी ने कहा, "छात्रों पर लाठी चलाने वाली सरकार को बदलना होगा।" उन्होंने सरकार के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि प्रदर्शन में छात्र शामिल नहीं थे। सिद्दीकी ने कहा कि यदि सरकार यह कह रही है कि आंदोलन में छात्र नहीं थे, तो यह तथ्यात्मक रूप से गलत है। जिन लोगों को कोतवाली समेत अन्य स्थानों पर हिरासत में लिया गया, उनका नाम, पता और पहचान सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है।

राजद नेता ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के बयान का भी जिक्र करते हुए कहा कि छात्र आंदोलनों को खारिज करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलनों का बिहार के राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और सत्ता में बैठे लोगों को इसे नहीं भूलना चाहिए।

सिद्दीकी ने दावा किया कि दिल्ली और पटना में चल रहा आंदोलन पूरी तरह छात्रों का स्वतःस्फूर्त आंदोलन है और इसमें किसी भी राजनीतिक दल की भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर सड़क पर उतरे हैं तथा सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने वर्ष 1974 के छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस आंदोलन ने राजनीतिक परिवर्तन की नींव रखी थी और आज भी छात्र उसी तरह बदलाव की ताकत बन सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के मद में सरकार युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों की अनदेखी कर रही है। सरकार अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास कर रही है।

हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इस पूरे घटनाक्रम में कुछ नेताओं की भूमिका से स्थिति और खराब हुई है। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और बल प्रयोग के बजाय संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   23 July 2026 2:33 PM IST

Tags

Next Story