बिहार विधानसभा में 'विकसित भारत युवा संसद 2026' शुरू, 185 युवा प्रतिनिधियों ने रखे विचार और सुझाव
पटना, 19 मार्च (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा में 'विकसित भारत युवा संसद 2026' का आयोजन हो रहा है। इसमें विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, मंत्री श्रेयसी सिंह, मंत्री संजय टाइगर और विधानसभा सदस्य नीतीश मिश्रा, राणा रणधीर, मंजीत कुमार सिंह, दीपा कुमारी, बाबूलाल शौर्य, शुभानंद, मुकेश और कौशल कुमार समेत विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इस प्रदेशव्यापी आयोजन में राज्य के कई जिलों से आए युवाओं ने गुरुवार को अपनी बात रखी।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद-2026 में राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित 185 प्रतिनिधियों को इस युवा संसद कार्यक्रम में भाग लेने का मौका मिला। मैंने देखा कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त किए।"
बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा, "विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट युवाओं को एक सही मंच देता है कि वे अपनी सोच को सबके सामने रखें। इसके साथ ही राजनीति में जो हमेशा युवा नेतृत्व की तलाश रहती है, उसके लिए भी यह मंच बहुत जरूरी है। अगर हम भारत के इतिहास पर ध्यान दें तो युवा के माध्यम से ही बड़े-बड़े आंदोलन हुए हैं। ऐसे में युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए यह केंद्र सरकार की बहुत ही अच्छी योजना है। हमें गर्व का अनुभव होता है, जब बिहार के प्रतिभाशाली बच्चे सभी के सामने अपना वक्तव्य रखते हैं। युवाओं में कोई कमी नहीं है, बस उन्हें अपनी बातों को रखने के लिए उचित मंच देना आवश्यक है।"
भागलपुर की अनुष्का भारद्वाज ने कहा, "विकसित भारत के लक्ष्य पर चर्चा हुई। मैंने भी अपनी बात रखी कि योजना तो बन जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उतना फायदा नहीं होता। योजना के रहते हुए भी छात्रों को पता नहीं चल पाता कि सरकार ने हमारे लिए क्या सुविधा दी है, ऐसे में इसको लेकर जागरूकता फैलनी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "युवाओं का स्किल डेवलपमेंट होना चाहिए, क्योंकि आजकल किताबी ज्ञान का कोई मतलब नहीं निकल रहा है। ऐसे में सबसे पहले सभी यूनिवर्सिटी में किताबी ज्ञान के नाम पर अटेंडेंस पर जोर दिया जाता रहा है, उससे दिमाग हटाकर स्किल पर ध्यान देने की जरूरत है, जिससे यूथ ज्यादा आगे बढ़ पाएंगे। युवाओं को भी कुछ ध्यान देने की जरूरत है कि वो समय बर्बाद करने बजाय अपने स्किल पर ध्यान देना चाहिए।"
युवा संसद में भाग लेने आए बांका जिले के सुमित कुमार ने बताया, "मैं खास तौर पर विधानसभा में अपनी नीति को रखने आया हूं। विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट हमें एक मंच देता है कि युवा अपनी आवाज रख सकें। युवाओं को बहुत कम मौका मिलता है कि वे अपनी बात रख सकें। सरकार से डायरेक्ट इंटरैक्शन के लिए हमें मौका मिला है।"
बेगुसराय जिले से आईं सिखा ने बताया, "यूथ पार्लियामेंट विकसित भारत के तहत मैं अपने विचारों को रखने के लिए यहां पर आई हूं। यहां हमने संघ बजट 2026 पर चर्चा की, जिसमें कई युवाओं ने अपने-अपने विचारों को प्रकट किया, जिसमें मैं भी शामिल रहीं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया था, मैंने उसी के तथ्यों को सामने रखा है। विकसित भारत बनने में क्या कमी आ रही है, उस पर हमने चर्चा की। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का सपना था कि हम 2020 तक भारत को विकसित बना दें, लेकिन यह पूरा नहीं हो पाया। पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का संकल्प लिया है।"
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Created On :   19 March 2026 10:07 PM IST












