कारोबार में तेज ग्रोथ: कैपिटल इंडिया फाइनेंस का रेवेन्यू 32% बढ़ा, लोन डिस्बर्समेंट में 36% की वृद्धि

कैपिटल इंडिया फाइनेंस का रेवेन्यू 32% बढ़ा, लोन डिस्बर्समेंट में 36% की वृद्धि
कैपिटल इंडिया फाइनेंस लिमिटेड (CIFL) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मजबूत कारोबारी प्रदर्शन दर्ज किया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कैपिटल इंडिया फाइनेंस लिमिटेड (CIFL) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मजबूत कारोबारी प्रदर्शन दर्ज किया है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन कुल रेवेन्यू सालाना आधार पर 32 प्रतिशत बढ़कर 69.5 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी का पीएटी 3.75 करोड़ रुपये रहा। एमएसएमई लोन और वित्तीय सेवाओं पर फोकस कर रही कंपनी के लोन कारोबार में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिली।

लोन डिस्बर्समेंट 36 प्रतिशत बढ़ा

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कैपिटल इंडिया फाइनेंस का लोन डिस्बर्समेंट सालाना आधार पर 36 प्रतिशत बढ़ा। कंपनी के मुताबिक यह वृद्धि उसके बढ़ते डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और एमएसएमई लोन कारोबार पर बढ़ते फोकस को दर्शाती है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति भी मजबूत बनी हुई है। पहली तिमाही में इसका सीआरएआर 43 प्रतिशत रहा। वहीं, स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का नेट एनपीए 1.87 प्रतिशत और ग्रॉस एनपीए 3.28 प्रतिशत रहा।

लोन कारोबार से आय 34 प्रतिशत बढ़ी

तिमाही के दौरान कंपनी के लोन कारोबार ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। स्टैंडअलोन आधार पर लोन कारोबार से रेवेन्यू सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 62.91 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 46.68 करोड़ रुपये था। कंपनी के फॉरेक्स कारोबार से भी आय बढ़ी और तिमाही में इसका रेवेन्यू 6.61 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, कंसोलिडेटेड आधार पर कंपनी को तिमाही में जारी कारोबार से 3.27 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ। इस दौरान कंपनी की कुल आय 128 करोड़ रुपये रही।

सीईओ ने कहा - एमएसएमई लोन पर बढ़ेगा फोकस

कैपिटल इंडिया फाइनेंस के सीईओ पिनांक शाह ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही कैपिटल इंडिया के लिए अच्छी शुरुआत रही है। लोन डिस्बर्समेंट में सालाना आधार पर 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, एयूएम 20 प्रतिशत बढ़ा और कुल आय में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह ग्रोथ हमारे बढ़ते डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और एमएसएमई लोन पर बढ़ते फोकस को दिखाती है।”

उन्होंने कहा कि 43 प्रतिशत के सीआरएआर के साथ कंपनी की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत है। इससे कंपनी को आने वाले समय में कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी। कंपनी का लक्ष्य कारोबार को तेजी से बढ़ाने के साथ मजबूत सिस्टम तैयार करना और एमएसएमई लोन के क्षेत्र में अपनी स्थिति को मजबूत करना है।

वित्त वर्ष 2026 में एयूएम 22 प्रतिशत बढ़ा

वित्त वर्ष 2026 में CIFL के एयूएम में सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 1,227.37 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, लोन डिस्बर्समेंट 62 प्रतिशत बढ़कर 753.54 करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान कंपनी ने करीब 600 करोड़ रुपये का कर्ज भी जुटाया। इसमें लिस्टेड एनसीडी के जरिए जुटाई गई रकम भी शामिल है। कंपनी के मुताबिक इस कर्ज में उसके पुराने और नए दोनों लेंडर्स ने हिस्सा लिया।

होम लोन कारोबार से बाहर निकली कंपनी

कंपनी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए वित्त वर्ष 2026 में कैपिटल इंडिया होम लोन्स लिमिटेड में अपनी पूरी हिस्सेदारी 267 करोड़ रुपये में बेच दी। वहीं, कंपनी की फिनटेक इकाई रैपिपे फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रदर्शन में भी सुधार हुआ। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का एबिटडा पॉजिटिव रहा और पिछले वित्त वर्ष की तुलना में उसका घाटा कम हुआ।

नौ राज्यों में 46 शाखाएं

पिछले करीब दो वर्षों में कंपनी ने अपने कारोबार को नए तरीके से तैयार किया है। इस दौरान पुराने लोन पोर्टफोलियो को कम करने के साथ कारोबार की बुनियाद मजबूत करने पर जोर दिया गया।

कंपनी ने अपना डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी तेजी से बढ़ाया है। पहले जहां कंपनी की 30 से कम लोकेशन थीं, वहीं अब नौ राज्यों में 46 शाखाएं हो गई हैं। आने वाले वर्षों में कंपनी का लक्ष्य एयूएम को तेजी से बढ़ाना है। इसके लिए कंपनी का फोकस सुरक्षित एमएसएमई लोन, मजबूत क्रेडिट जांच और जरूरत के अनुसार नई शाखाएं खोलने पर रहेगा।

Created On :   19 Aug 2026 12:43 AM IST

Tags

Next Story