चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के कारण एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को लगा झटका रामदास आठवले

चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के कारण एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को लगा झटका  रामदास आठवले
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने बुधवार को 'प्राइड इन पावर' कार्यक्रम और 'नेशनल ट्रांसजेंडर पर्सन्स अवार्ड्स' का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए एमएलसी चुनाव के नतीजों, कांग्रेस के प्रदर्शन और बैलेट पेपर से वोटिंग की मांग तथा महाराष्ट्र कैबिनेट द्वारा सूखा प्रभावित किसानों के लिए उठाए गए राहत कदमों पर टिप्पणी की।

मुंबई, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने बुधवार को 'प्राइड इन पावर' कार्यक्रम और 'नेशनल ट्रांसजेंडर पर्सन्स अवार्ड्स' का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए एमएलसी चुनाव के नतीजों, कांग्रेस के प्रदर्शन और बैलेट पेपर से वोटिंग की मांग तथा महाराष्ट्र कैबिनेट द्वारा सूखा प्रभावित किसानों के लिए उठाए गए राहत कदमों पर टिप्पणी की।

अठावले ने कहा, "मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में कई राज्यों के ट्रांसजेंडरों ने शिरकत की। मेरा मंत्रालय ट्रांसजेंडरों को न्याय दिलाने के लिए कई योजनाएं चला रहा है। मैंने ट्रांसजेंडरों को सलाह दी है कि वे किसी के सामने हाथ न फैलाएं। सहकारी समिति बनाएं और कंपनी शुरू करें। इसके लिए सरकार मदद करेगी। हमारा मंत्रालय ट्रांसजेंडरों को हुनर सिखाने के लिए योजनाएं चलाएगा।"

एमएलसी चुनावों के परिणाम को लेकर रामदास आठवले ने कहा, "चार राज्यों की 28 सीटों में से अधिकतर एनडीए के उम्मीदवार जीत रहे हैं। कांग्रेस को इस चुनाव में भी करारा झटका लगा है। कांग्रेस को अपनी हार के लिए बहाने नहीं बनाने चाहिए। पार्टी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रही थी और अब जब चुनाव बैलेट पेपर से ही हुए हैं, तो एनडीए को बड़ी जीत मिली है। कांग्रेस अब यह दावा कर सकती है कि इसमें कुछ गड़बड़ियां थीं या कोई अन्य कारण जिम्मेदार थे, लेकिन इस तरह के बयान देना उचित नहीं है। चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन करने के कारण राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं के प्रति जनता में आक्रोश है। यह आक्रोश इस चुनाव में दिखाई दे रहा है।"

सूखे से प्रभावित किसानों के लिए महाराष्ट्र कैबिनेट द्वारा उठाए गए राहत कदमों पर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा, "बैंक उन किसानों से कर्ज वसूलने के हकदार हैं, जिन्होंने पैसे उधार लिए हैं। लेकिन, सूखे की स्थिति और किसानों की परेशानियों को देखते हुए बैंकों को उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए। जो बैंक अधिकारी किसानों को परेशान करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य कैबिनेट ने भी यही फैसला लिया है।"

इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि राज्य सरकार ने संकटग्रस्त उपसा सिंचाई योजनाओं के ऋणों को माफ करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सूखे से प्रभावित किसानों को 5,000 रुपए का अग्रिम भुगतान दिया जाएगा। नमो शेतकरी महासन्मान निधि योजना की किश्तें किसानों को दी जाएंगी। सरकार नियमित रूप से फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को 50,000 रुपए का प्रोत्साहन अनुदान दे रही है। ऋण माफी के लिए गठित मंत्रिपरिषद इस अनुदान में वृद्धि पर चर्चा करेगी और आर्थिक स्थिति के अनुसार उचित निर्णय लिया जाएगा।

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