न्यायिक ढांचे में सुधार के लिए बनाई गई ज्यूडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर एडवाइजरी कमेटी, 31 अगस्त तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

न्यायिक ढांचे में सुधार के लिए बनाई गई ज्यूडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर एडवाइजरी कमेटी,  31 अगस्त तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने देशभर की अदालतों में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एक महत्वपूर्ण 'ज्यूडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर एडवाइजरी कमेटी' का गठन किया है। इसका उद्देश्य देश की अदालतों में मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों का आकलन करना और उन्हें दूर करने के लिए व्यापक सुझाव देना है।

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने देशभर की अदालतों में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एक महत्वपूर्ण 'ज्यूडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर एडवाइजरी कमेटी' का गठन किया है। इसका उद्देश्य देश की अदालतों में मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों का आकलन करना और उन्हें दूर करने के लिए व्यापक सुझाव देना है।

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता में बनाई गई इस 5 सदस्यीय कमेटी में कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस दिबांगशू बसाक, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जज जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा, बॉम्बे हाईकोर्ट के जज जस्टिस सोमशेखर सुंदरासन और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के डायरेक्टर जनरल को शामिल किया गया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल इस कमेटी के सदस्य सचिव होंगे।

एक अनुमान के मुताबिक देशभर की अदालतों में बुनियादी ढांचे की कमी को पूरा करने के लिए करीब 40 से 50 हजार करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कमेटी अदालतों की मौजूदा स्थिति का व्यापक ऑडिट करेगी और न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए सुझाव देगी।

कमेटी को 31 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल को दी जाएगी। रिपोर्ट में न्यायिक ढांचे के विकास, पूंजीगत खर्च और लंबी अवधि की योजनाओं का रोडमैप तैयार किया जाएगा।

कमेटी अदालतों में जजों, वकीलों, वादकारियों और आम लोगों के लिए बेहतर सुविधाओं की जरूरतों का भी अध्ययन करेगी। इसके अलावा मामलों के तेजी से निपटारे के लिए तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल, ई-कोर्ट व्यवस्था के तहत डिजिटलीकरण और कंप्यूटरीकरण को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।

इसके साथ ही नागरिकों को न्यायिक सेवाएं आसानी से मिलें, डिजिटल दूरी कम हो, आधुनिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स विकसित हों और न्यायिक अधिकारियों एवं कोर्ट स्टाफ के कार्यस्थल बेहतर बनें, इन सभी पहलुओं पर भी कमेटी विशेष ध्यान देगी।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   12 May 2026 12:54 PM IST

Tags

Next Story