सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार को लेकर इस्तीफे की मांग दोहराई, कांग्रेस ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी के सह संयोजक और प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास रविवार को कपिल सिब्बल के घर से निकले। कोर्ट के आदेश पर सौरव दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम देखेंगे कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का कितना पालन किया जाता है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों की तरफ से की गई कार्रवाई और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दायर याचिका पर आज सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि जब तक बहुत ज्यादा जरूरी न हो, शहर से सभी बैरिकेड्स हटाए जाने चाहिए।
आशुतोष रांका ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर इस्तीफे की मांग दोहराई। उधर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने विरोध को संवैधानिक अधिकार बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि टीएमसी सांसद सौगत रॉय और आप नेता गोपाल राय ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा।
आशुतोष रांका ने कहा, "ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होने तक हम पीछे नहीं हटेंगे। अभिजीत दिपके की दादी का निधन हो गया, जिसकी वजह से वो यहां नहीं हैं।"
सौरभ दास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से आज जो टिप्पणी की गई वो बहुत सही है। अब हम ये देखेंगे कि सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश है, उसका पालन किया जाता है या नहीं, क्योंकि मेट्रो स्टेशन वाला ऑर्डर भी माना नहीं गया, जिस पर मैंने जवाब भी मांगा।
सीजेपी के विरोध पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, "विरोध करना संविधान से मिला अधिकार है। इस तरह से स्थिति को संभालने की कोई जरूरत नहीं थी। उन्हें विरोध करने दें, उन्हें सही तरीकों से बातचीत के लिए बुलाएं और समाधान निकालें। पुलिस का ऐसा इस्तेमाल पूरी तरह से गलत है। किसी को हवाई जहाज में हिरासत में लेना मंजूर नहीं है। यह भी गलत है कि बहुत से लोग अभी हिरासत में हैं।"
कांग्रेस नेता ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में युवाओं का सड़कों पर उतरना दिखाता है कि मौजूदा सरकार के दिन अब गिनती के रह गए हैं। सरकार चाहे कुछ भी करे, चाहे वह मिलिट्री, पैरामिलिट्री फोर्स, रिजर्व फोर्स या पूरी पुलिस फोर्स लगा दे, युवा प्रोटेस्ट करते रहेंगे। मेरा खास तौर पर मानना है कि जिस तरह से युवा महिलाएं लड़ रही हैं, वह इस देश का भविष्य दिखाता है।
एआईटीसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें पहले ही बता दिया था कि चेन्नई में उनका एक प्रोग्राम है, जिसे वे रद्द नहीं कर सकते। तीन पिनाराई विजयन, माणिक सरकार और अरविंद केजरीवाल ने इसमें हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उन सभी लोगों को राहत दी है जिन्हें गिरफ्तार किया गया था। अगर कोई मामला बनता है, तो उस पर उसी हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। हम और क्या कह सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई राय नहीं दी है।
सौगत रॉय ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन सीजेपी ने आयोजित किया था और हमने टीएमसी की ओर से इसके लिए अपना समर्थन घोषित किया। ममता बनर्जी खुद दिल्ली में तय जगह पर सड़क पर बैठी थीं।
आप नेता गोपाल राय ने कहा, "यह देश बचाने की लड़ाई है। अगर वोट बचे रहेंगे तो लोकतंत्र बचेगा और अगर लोकतंत्र बचेगा तो देश बचेगा। इसीलिए इस देश से प्यार करने वाला हर कोई अपने-अपने तरीके से यह लड़ाई लड़ रहा है। सबकी एक ही मांग है कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और एसआईआर प्रक्रिया खत्म होना चाहिए। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होने चाहिए।"
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Created On :   11 Oct 2026 7:09 PM IST












