दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर स्मृति व्याख्यान का आयोजन

दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर स्मृति व्याख्यान का आयोजन
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी की तरफ से सोमवार को भारत के महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं जननेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर उनके चित्र के अनावरण एवं स्मृति व्याख्यान का भव्य आयोजन किया गया।

नई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी की तरफ से सोमवार को भारत के महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं जननेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर उनके चित्र के अनावरण एवं स्मृति व्याख्यान का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े, तथा नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की सांसद बांसुरी स्वराज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। इसी के साथ, दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के चेयरमैन डॉ. सुमित भसीन तथा डीजी प्रियंका चंद्रा भी उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र के अनावरण तथा पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों, पुस्तकालय अधिकारियों, विद्यार्थियों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार' विषय पर अपने संबोधन में विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारत की अखंडता, एकता एवं संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनके विचार आज भी राष्ट्र निर्माण के पथ पर प्रेरणास्रोत हैं।

'शिक्षाविद् से राष्ट्र निर्माता तक: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की बहुआयामी विरासत' विषय पर बोलते हुए विनोद तावड़े ने डॉ. मुखर्जी के शिक्षा, राष्ट्र निर्माण, संसदीय परंपराओं, तथा संस्थागत विकास में दिए गए अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का व्यक्तित्व शिक्षा, नेतृत्व, और राष्ट्रसेवा का अद्वितीय संगम था।

'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: यथास्थिति को चुनौती देने वाले व्यक्तित्व' विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बांसुरी स्वराज ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपने साहस, स्पष्ट दृष्टिकोण, और सिद्धांतों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के माध्यम से भारतीय राजनीति को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश देता है।

कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों, शिक्षा के प्रति समर्पण तथा राष्ट्रीय एकता के प्रति उनके अद्वितीय योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान द्वारा हुआ।

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Created On :   6 July 2026 7:40 PM IST

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