ध्रुव राठी के विवादित यूट्यूब वीडियो पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, जीएसी को 15 दिन में फैसला लेने का आदेश

ध्रुव राठी के विवादित यूट्यूब वीडियो पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, जीएसी को 15 दिन में फैसला लेने का आदेश
यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक विवादित यूट्यूब वीडियो को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने केंद्र सरकार की ग्रिवांस अपीलीय समिति (जीएसी) को वीडियो हटाने से जुड़ी अपील पर 15 दिनों के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है।

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक विवादित यूट्यूब वीडियो को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने केंद्र सरकार की ग्रिवांस अपीलीय समिति (जीएसी) को वीडियो हटाने से जुड़ी अपील पर 15 दिनों के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है।

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके आदेश की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा।

मामला उस वीडियो से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि ध्रुव राठी ने कथित तौर पर कहा था कि भगवान राम, माता सीता और भगवान कृष्ण मांस और शराब का सेवन करते थे। इसी वीडियो को हटाने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत से कहा कि मध्यस्थ (इंटरमीडियरी) प्लेटफॉर्म यूट्यूब को उचित सावधानी बरतनी चाहिए थी और इस तरह के कंटेंट को पहले ही हटा देना चाहिए था। उनका कहना था कि ध्रुव राठी द्वारा अपलोड किया गया यह कंटेंट नुकसानदायक है और समाज में फूट डालने वाला है।

एएसजी ने अदालत में कहा कि या तो गूगल यह बताए कि वह अभी वीडियो हटाने के लिए तैयार है, या फिर अदालत डिवीजन बेंच की टिप्पणियों के आधार पर फैसला सुना सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कंटेंट प्रसारित नहीं होना चाहिए, जो समाज में विभाजन पैदा करे और बहुसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करे।

वहीं, गूगल की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि कंपनी ने याचिकाकर्ता अमिता सचदेवा को अपना जवाब दे दिया है और इस मामले में जीएसी के समक्ष अपील भी दायर कर दी गई है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने जीएसी को 15 दिनों के भीतर अपील पर फैसला लेने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि अदालत के आदेश का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में इसे गंभीरता से लिया जाएगा।

यह मामला अधिवक्ता अमिता सचदेवा की याचिका पर सामने आया। उन्होंने 21 मार्च 2026 को ध्रुव राठी द्वारा यूट्यूब पर अपलोड किए गए 'क्या हिंदू बीफ खा सकते हैं? केरल स्टोरी 2 का पर्दाफाश' शीर्षक वाले वीडियो पर आपत्ति जताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

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Created On :   3 July 2026 2:32 PM IST

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