डिजिटल अरेस्ट कर 2 करोड़ की ठगी का खुलासा, महाराष्ट्र पुलिस ने कोलकाता से 2 जालसाजों को दबोचा

डिजिटल अरेस्ट कर 2 करोड़ की ठगी का खुलासा, महाराष्ट्र पुलिस ने कोलकाता से 2 जालसाजों को दबोचा
महाराष्ट्र की बुलढाणा साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 2 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में कोलकाता से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खामगांव के एक बुजुर्ग को अपना शिकार बनाया था।

मुंबई, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की बुलढाणा साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 2 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में कोलकाता से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खामगांव के एक बुजुर्ग को अपना शिकार बनाया था।

पुलिस के मुताबिक, ठगों ने बुजुर्ग को पहले फोन किया और खुद को ट्राई, मुंबई क्राइम ब्रांच और सीबीआई-ईडी का अधिकारी बताया। इसके बाद वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी में आए और कहा कि उनके मोबाइल नंबर और बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और गंभीर अपराध में हुआ है।

आरोपियों ने बुजुर्ग को डराया कि उनका 'डिजिटल अरेस्ट' हो चुका है और अगर उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। विश्वास दिलाने के लिए जालसाजों ने फर्जी दस्तावेज, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और सरकारी सील वाले नोटिस भी दिखाए।

डर की वजह से बुजुर्ग जालसाजों की बातों में आ गया। आरोपियों ने कई म्यूल अकाउंट्स बताए और उनमें पैसे ट्रांसफर करने को कहा। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद पूरा पैसा वापस आ जाएगा। बुजुर्ग ने डर के मारे करीब 2 करोड़ रुपए आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

जब काफी समय तक पैसा वापस नहीं आया तो बुजुर्ग को समझ आया कि उसके साथ ठगी हुई है। इसके बाद उन्होंने खामगांव में साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद बुलढाणा साइबर सेल ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की। बैंक ट्रेल और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने कोलकाता में दबिश दी और दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।

शुरुआती जांच में पता चला है कि यह एक संगठित गिरोह है। यह गिरोह वीपीएन, फर्जी सिम और शेल कंपनियों के नाम पर खोले गए सैकड़ों म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल करता है। ठगी के पैसों को कई लेयर में घुमाकर निकाला जाता है ताकि पकड़ में न आए। पुलिस ने ठगी की कुछ रकम को फ्रीज भी कर दिया है और इस गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश जारी है।

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