ईडी का राजनीतिक इस्तेमाल हो रहा, राम मंदिर मामले की निष्पक्ष जांच हो एसटी हसन
लखनऊ, 8 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व सांसद एसटी हसन और विधायक मनोज कुमार पारस ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई, राम मंदिर चंदे से जुड़े विवाद, वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्य की नियुक्ति और उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यशैली सहित कई समसामयिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। दोनों नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग तथा राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के आरोप लगाए हैं।
झांसी से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण यादव के यहां ईडी की छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सांसद एसटी हसन ने कहा, "यह कोई नई बात नहीं है। मौजूदा सरकारें केंद्रीय जांच एजेंसियों का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। जनता इस स्थिति को समझ रही है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। भविष्य में समाजवादी पार्टी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।"
वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्य की नियुक्ति के मुद्दे पर उन्होंने कहा, "धार्मिक संस्थाओं का संचालन संबंधित धर्म के लोगों के हाथ में होना चाहिए। जिस प्रकार किसी मुस्लिम को मंदिर ट्रस्ट का सदस्य नहीं बनाया जाता, उसी प्रकार वक्फ जैसी धार्मिक संस्था के प्रबंधन में भी अन्य धर्मों के लोगों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। वक्फ व्यवस्था धार्मिक और सामाजिक कल्याण से जुड़ी संस्था है, इसलिए इसकी प्रकृति को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जाने चाहिए।"
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर एसटी हसन ने कहा, "यदि किसी ने भगवान राम के नाम पर अनियमितता की है, तो उसके खिलाफ निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषी पाए जाने वाले लोगों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार करने का साहस न कर सके। भगवान राम की मर्यादा राजनीति से कहीं ऊपर है, और धार्मिक आस्था के मामलों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति का किसी जाति या राजनीतिक दल से संबंध होना उसे कानून से ऊपर नहीं बनाता। यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
वहीं, समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज कुमार पारस ने दीप नारायण यादव के यहां ईडी की कार्रवाई को लेकर आरोप लगाया, "ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। कई मामलों में जांच के बाद संबंधित लोग निर्दोष पाए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि एजेंसियों का इस्तेमाल विरोधियों को डराने के लिए किया जा रहा है।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज कुमार पारस ने कहा, "सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। परीक्षार्थी पूरे वर्ष मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। सरकार को युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अधिक गंभीरता से काम करना चाहिए और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाना चाहिए।"
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Created On :   8 July 2026 8:05 PM IST












