ईडी ने पहली बार नीलाम किया जब्त विमान, निवेशकों को लौटाई जाएगी राशि

ईडी ने पहली बार नीलाम किया जब्त विमान, निवेशकों को लौटाई जाएगी राशि
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद जोनल कार्यालय ने पहली बार एक जब्त विमान की सफल नीलामी की है। ईडी ने 1 जुलाई 2026 को एमएसटीसी लिमिटेड के माध्यम से हॉकर 800ए विमान की नीलामी कर इसे 3 करोड़ रुपये में बेच दिया। नीलामी से प्राप्त राशि का उपयोग धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत विशेष अदालत की अनुमति मिलने के बाद वास्तविक निवेशकों को उनकी रकम लौटाने के लिए किया जाएगा।

हैदराबाद, 3 जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद जोनल कार्यालय ने पहली बार एक जब्त विमान की सफल नीलामी की है। ईडी ने 1 जुलाई 2026 को एमएसटीसी लिमिटेड के माध्यम से हॉकर 800ए विमान की नीलामी कर इसे 3 करोड़ रुपये में बेच दिया। नीलामी से प्राप्त राशि का उपयोग धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत विशेष अदालत की अनुमति मिलने के बाद वास्तविक निवेशकों को उनकी रकम लौटाने के लिए किया जाएगा।

ईडी के अनुसार, यह विमान 7 मार्च 2025 को हैदराबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तलाशी अभियान के दौरान जब्त किया गया था। यह कार्रवाई अमरदीप कुमार, कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज पीएमएलए मामले में की गई थी।

विमान जब्त किए जाने के बाद ईडी ने पीएमएलए के न्यायनिर्णायक प्राधिकरण के समक्ष मूल आवेदन दायर किया, जिसे 18 अगस्त 2025 को मंजूरी मिल गई। इसके बाद ईडी ने विमान की बिक्री की अनुमति मांगी। न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने 20 नवंबर 2025 को ईडी को विमान की नीलामी की अनुमति दे दी।

यह मामला हैदराबाद स्थित कंपनी कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अमरदीप कुमार द्वारा कथित तौर पर चलाए गए फर्जी इनवॉइस डिस्काउंटिंग स्कीम से जुड़ा है।

ईडी ने यह जांच साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज तीन एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि अमरदीप कुमार, उनकी कंपनी और अन्य सहयोगियों ने इनवॉइस डिस्काउंटिंग के नाम पर ऊंचे रिटर्न का लालच देकर बड़ी संख्या में निवेशकों से करीब 792 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। जांच में सामने आया कि वास्तविकता में कोई इनवॉइस डिस्काउंटिंग कारोबार संचालित नहीं किया जा रहा था और यह पूरी योजना एक कथित पोंजी स्कीम थी।

इस मामले में ईडी पहले ही तीन आरोपियों संदीप कुमार (अमरदीप कुमार का भाई), शरद चंद्र तोषणीवाल (चार्टर्ड अकाउंटेंट) और आर्यन सिंह छाबड़ा (फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग के सीईओ) को गिरफ्तार कर चुकी है। ईडी ने 29 सितंबर 2025 को इस मामले में अभियोजन शिकायत भी विशेष अदालत में दाखिल की थी।

ईडी ने कहा कि एजेंसी पीएमएलए, 2002 के तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान करने, उन्हें जब्त और कुर्क करने, आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चलाने तथा कानून के अनुसार पीड़ित निवेशकों को उनकी राशि वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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Created On :   3 July 2026 5:14 PM IST

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