फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, कंपनी संचालक समेत तीन गिरफ्तार, भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, कंपनी संचालक समेत तीन गिरफ्तार, भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
नोएडा के सेक्टर-63 थाने की पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जो देश के विभिन्न राज्यों के व्यापारियों और उद्यमियों को ऑनलाइन मार्केटिंग, खरीदार उपलब्ध कराने तथा फर्जी सर्टिफिकेट देने के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार बना रहा था।

नोएडा, 16 जुलाई (आईएएनएस)। नोएडा के सेक्टर-63 थाने की पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जो देश के विभिन्न राज्यों के व्यापारियों और उद्यमियों को ऑनलाइन मार्केटिंग, खरीदार उपलब्ध कराने तथा फर्जी सर्टिफिकेट देने के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार बना रहा था।

पुलिस ने इस गिरोह का संचालन करने वाले कंपनी संचालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप, सीपीयू, सिम कार्ड और धोखाधड़ी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई को थाना सेक्टर-63 में प्राप्त शिकायत की जांच के दौरान इस संगठित साइबर ठगी गिरोह का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि सेक्टर-63 स्थित ए-135 भवन में फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। यहां से देशभर के व्यापारियों और उद्योगपतियों को फोन कर ऑनलाइन मार्केटिंग सेवाएं, नए खरीदार उपलब्ध कराने और विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र जारी कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।

आरोपियों द्वारा फर्जी दस्तावेज और प्रमाणपत्र तैयार कर लोगों का विश्वास जीतने के बाद आर्थिक ठगी की जाती थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कंपनी संचालक रणबीर सिंह, उसके सहयोगी ललित कुमार तथा ज्योति को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी रणबीर सिंह गाजियाबाद के इंदिरापुरम का निवासी है, जबकि ललित कुमार नोएडा के बरौला क्षेत्र का रहने वाला है। महिला आरोपी ज्योति भी रणबीर सिंह की पत्नी है और कॉल सेंटर के संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रही थी।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 39 स्मार्ट मोबाइल फोन, 9 कीपैड मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप, 36 सीपीयू, 32 सिम कार्ड तथा विभिन्न टैक्स इनवॉइस, फर्जी दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बरामद किए हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है, जिससे इस गिरोह के नेटवर्क, ठगी के तरीके और देशभर में ठगे गए लोगों की संख्या का पता लगाया जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और देश के अलग-अलग राज्यों के व्यापारियों एवं उद्यमियों को अपना निशाना बनाता था। संभावना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी करा रही है। इस मामले में थाना सेक्टर-63 में मुकदमा दर्ज किया गया है।

नोएडा पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध और फर्जी कॉल सेंटर के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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Created On :   16 July 2026 5:00 PM IST

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