गुजरात कांग्रेस का सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगा इस्तीफा
अहमदाबाद, 29 सितंबर (आईएएनएस)। वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और वोट चोरी के आरोपों के बीच गुजरात कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को विरोध मार्च निकाला और इसके बाद एक जनसभा का आयोजन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीईसी के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता काले कपड़े पहनकर शामिल हुए। हाथों में "वोट चोर, गद्दी छोड़ो" और "ज्ञानेश कुमार हटाओ, चुनाव आयोग बचाओ" के नारे लिखी तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में पूर्व राज्यसभा सदस्य अमी याजनिक, कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरत सिंह सोलंकी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
पूर्व सांसद अमी याजनिक ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि लंबे समय से चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पूरे सबूतों के साथ चुनाव आयोग की खामियों को उजागर किया है।
अमी याजनिक ने कहा, "संविधान के तहत चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और उसे देश के लिए काम करना चाहिए, लेकिन उसने अपना काम नहीं किया। वोट चोरी के मामले में सबसे ज्यादा भूमिका चुनाव आयोग की ही रही है और इसका प्रूफ भी सामने आ चुका है।"
उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा, "वे अपनी जगह छोड़ दें और देश के सामने आकर बताएं कि वोट चोरी में उन्होंने कितनी हिस्सेदारी ली है। उनके खुद के दो साथी आयुक्त भी नहीं बता रहे हैं कि उन्होंने क्या किया है। इसलिए ज्ञानेश कुमार पहले अपनी संवैधानिक पोस्ट छोड़ें और देश को बताएं कि वोट चोरी करके उन्हें क्या मिला।"
उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण होता है। आपने हर नागरिक से गद्दारी की है, इसलिए ज्ञानेश कुमार को शर्म आनी चाहिए। वे हटने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि उन्हें प्रोटेक्शन मिला हुआ है और यह प्रोटेक्शन किसका है, यह सब समझ रहे हैं। यही कारण है कि हम आज सड़क पर उतरे हैं।"
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि पूरे देश में चुनाव प्रक्रिया के लिए भारतीय चुनाव आयोग जैसी विश्वसनीय संस्था है, लेकिन दुख की बात है कि इस संस्था में जो फर्जीवाड़ा हुआ है, वह ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया, "ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर के नाम पर पूरी मतदाता सूची के साथ छेड़छाड़ की है। चाहे बंगाल का चुनाव हो, बिहार का चुनाव हो, महाराष्ट्र का हो या हरियाणा का, हर जगह वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की गई।"
दोषी ने कहा, "पहले देश में ऐसा होता था कि जनता तय करती थी कि सरकार किसकी बनेगी, लेकिन अब उल्टा हो गया है। अब सरकार तय करती है कि किसे मताधिकार मिलना चाहिए और किसे नहीं। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।"
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Created On :   29 Sept 2026 4:29 PM IST












