गुजरात में यूसीसी को राष्ट्रपति की मंजूरी, कमेटी सदस्य गीता श्रॉफ ने कहा- सबको मिलेगा समान अधिकार

गुजरात में यूसीसी को राष्ट्रपति की मंजूरी, कमेटी सदस्य गीता श्रॉफ ने कहा- सबको मिलेगा समान अधिकार
गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी मिलने के बाद राज्य की यूसीसी कमेटी की सदस्य गीता श्रॉफ ने इसका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह गुजरात के लिए महत्वपूर्ण अवसर है और समान नागरिक संहिता के लागू होने से महिलाओं, बच्चों और परिवारों को समान अधिकार और न्याय मिलने की उम्मीद है।

सूरत, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी मिलने के बाद राज्य की यूसीसी कमेटी की सदस्य गीता श्रॉफ ने इसका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह गुजरात के लिए महत्वपूर्ण अवसर है और समान नागरिक संहिता के लागू होने से महिलाओं, बच्चों और परिवारों को समान अधिकार और न्याय मिलने की उम्मीद है।

गीता श्रॉफ ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने की खुशी सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि पूरे गुजरात को है। यह गुजरात के लिए एक अमूल्य पल है और अब राज्य में सभी के लिए समान नागरिक संहिता का रास्ता साफ हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश के दूसरे राज्य भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। अपने करीब 35 वर्षों के सामाजिक कार्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महिला, बच्चों और परिवारों से जुड़े मामलों में अदालतों और पुलिस थानों में काम करने के दौरान उन्हें अलग-अलग समुदायों के लिए अलग कानूनों के कारण कई तरह की दिक्कतें देखने को मिलीं। कई मामलों में न्याय की प्रक्रिया लंबी हो जाती थी। यूसीसी के बाद महिलाओं और बच्चों को समान अधिकार और समान न्याय देने में मदद मिलेगी।

यूसीसी को लेकर कुछ समुदायों की आपत्तियों के सवाल पर गीता श्रॉफ ने कहा कि कई बार पर्याप्त जानकारी नहीं होने के कारण लोगों को उकसाया जाता है और वे प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने बताया कि कमेटी ने करीब एक साल तक अलग-अलग स्थानों पर जाकर धार्मिक गुरुओं, विभिन्न समुदायों और वर्गों के लोगों से बातचीत की। आमने-सामने बातचीत के दौरान कई लोगों ने इस बात पर सहमति जताई कि समान नागरिक संहिता होनी चाहिए। यूसीसी में किसी धर्म की धार्मिक परंपराओं या उपासना की प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं किया गया है। इसका उद्देश्य सभी के लिए समान अधिकार और समान न्याय सुनिश्चित करना है।

गीता श्रॉफ ने कहा कि यूसीसी के तहत रजिस्ट्रेशन, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मुद्दों में बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के अधिकारों तथा संपत्ति से जुड़े मामलों में समान न्याय मिलने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण जिन मामलों में प्रक्रिया लंबी होती थी, उनमें समान कानूनी व्यवस्था से स्पष्टता आने की उम्मीद है।

गीता श्रॉफ ने गुजरात सरकार और यूसीसी कमेटी की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड के बाद गुजरात ऐसा कदम उठाने वाला राज्य बना है। उन्होंने कमेटी की अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस रंजना देसाई और अन्य सदस्यों के काम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कमेटी ने अलग-अलग वर्गों के लोगों के विचार और सुझाव लेकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। श्रॉफ ने उम्मीद जताई कि दूसरे राज्य भी गुजरात के अनुभव को देखेंगे और भविष्य में पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू होने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   2 Oct 2026 10:16 PM IST

Tags

Next Story