गुरनूर की काबिलियत को पहचानने का श्रेय सिलेक्शन कमिटी को मिलना चाहिए सुनील गावस्कर
नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के खिलाफ खेली जा रही वनडे सीरीज में भारत के युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार ने अपनी गेंदबाजी से खासा प्रभावित किया है। वह दो मुकाबलों में अब तक 6 विकेट निकाल चुके हैं। भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने गुरनूर के टैलेंट को पहचानने और उन्हें सपोर्ट करने का श्रेय भारतीय सिलेक्शन कमिटी को दिया है।
गुरनूर का प्रदर्शन अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे में भी शानदार रहा। उन्होंने 10 ओवर के स्पेल में 60 रन खर्च करते हुए 3 अहम विकेट अपने नाम किए। इंटरनेशनल क्रिकेट के अपने डेब्यू मैच में भी गुरनूर ने तीन विकेट झटके थे।
सुनील गावस्कर ने 'जियोहॉटस्टार' से बात करते हुए कहा, "गुरनूर का रन-अप बहुत अच्छा है, उनका रिदम बहुत अच्छा है। वह गेंद को सही टप्पे पर डाल रहे हैं और गेंद को ऊपर ला रहे हैं। गुरबाज का विकेट खास तौर पर शानदार था, क्योंकि बाउंसर उनके पीछे आ रहा था। यह बहुत सटीक बाउंसर था। यह सीधे आपकी तरफ आता है, ठीक वहीं जहां बल्लेबाज नहीं चाहता।"
उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि सिलेक्शन कमिटी तारीफों की पूरी तरह हकदार है। अगर आप गुरनूर के आंकड़े या भारत ए के लिए उनके प्रदर्शन को देखें, तो वह ठीक-ठाक रहा है, लेकिन उस हद तक नहीं कि आप कहें कि वह भारतीय कैप के हकदार थे। हालांकि, अजीत अगरकर की अगुवाई वाली सिलेक्शन कमिटी ने उनके अंदर कुछ देखा, और इसीलिए उन्होंने गुरनूर को चुना। गुरनूर को मैनेजमेंट का भी सपोर्ट मिला है, जो बहुत जरूरी है।"
गावस्कर ने कप्तान शुभमन गिल की शानदार फॉर्म पर भी बात की और बताया कि कैसे एक खिलाड़ी का निजी प्रदर्शन एक कप्तान के तौर पर फैसले लेने पर असर डाल सकता है। अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में गिल ने 110 गेंदों पर 154 रनों की शानदार पारी खेली। उन्होंने ईशान किशन के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 224 रनों की अहम साझेदारी निभाई, जिसके बूते भारतीय टीम स्कोरबोर्ड पर 402 रन लगाने में सफल रही।
पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी या कप्तान खुद अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा होता और रन नहीं बना रहा होता, तो उसका आत्मविश्वास थोड़ा कम हो जाता है। ऐसे समय में मैदान पर छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण फैसले लेना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि जैसे किसी गेंदबाज ने अच्छी गेंदबाजी की हो तो उसे एक अतिरिक्त ओवर देना, या किसी फील्डर की पोजीशन बदलना, ऐसे फैसले अक्सर अनुभव और अंदरूनी आवाज (गट फीलिंग) के आधार पर लिए जाते हैं।
गावस्कर ने कहा कि जब आपका खुद का प्रदर्शन अच्छा नहीं चल रहा होता, तो इन फैसलों को लेकर उतना भरोसा नहीं रहता। वहीं, जब आप अच्छी फॉर्म में होते हैं और लगातार अच्छा खेल रहे होते हैं, तो आपका आत्मविश्वास बढ़ जाता है और आप ऐसे फैसले ज्यादा भरोसे के साथ ले पाते हैं। अफगानिस्तान को दूसरे वनडे मुकाबले में 170 रनों से हराने के साथ ही भारतीय टीम ने तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। सीरीज का अंतिम मुकाबला 20 जून को चेन्नई में खेला जाना है।
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Created On :   18 Jun 2026 2:49 PM IST












