हनुमान जन्मोत्सव पर शिवनगरी काशी पहुंचीं निमरत कौर, संकट मोचन के किए दर्शन

हनुमान जन्मोत्सव पर शिवनगरी काशी पहुंचीं निमरत कौर, संकट मोचन के किए दर्शन
श्रीराम भक्त हनुमान के जन्मोत्सव के अवसर पर कई मंदिरों में पूजा-पाठ का आयोजन चल रहा है। आम लोगों के साथ ही फिल्म जगत के तमाम सितारे भी मंदिरों में श्रीरामदूत की आराधना करते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में अभिनेत्री निमरत कौर शिवनगरी काशी के अति प्राचीन संकट मोचन मंदिर पहुंचीं और दर्शन-पूजन कर अपने आध्यात्मिक अनुभव को व्यक्त किया।

मुंबई, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीराम भक्त हनुमान के जन्मोत्सव के अवसर पर कई मंदिरों में पूजा-पाठ का आयोजन चल रहा है। आम लोगों के साथ ही फिल्म जगत के तमाम सितारे भी मंदिरों में श्रीरामदूत की आराधना करते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में अभिनेत्री निमरत कौर शिवनगरी काशी के अति प्राचीन संकट मोचन मंदिर पहुंचीं और दर्शन-पूजन कर अपने आध्यात्मिक अनुभव को व्यक्त किया।

निमरत कौर ने हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर काशी पहुंचकर संकट मोचन हनुमान मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने इस अनुभव को इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए अपनी भावनाओं को शब्दों में बयां किया।

निमरत कौर ने लिखा, “आज हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर मैं काशी में बिताए एक अनमोल अनुभव को आप सबके साथ साझा करना चाहती हूं। यह यात्रा उस इतिहास की है, जिसकी हम आज पूजा करते हैं।”

उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत संकट मोचन हनुमान मंदिर से बताई, जहां किंवदंतियों के अनुसार संत तुलसीदास को हनुमान जी के दर्शन हुए थे। इसके बाद वे तुलसी घाट पहुंचीं, जो शांत और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ स्थान है। निमरत ने लिखा, “यह उन सबसे शांत और आध्यात्मिक स्थानों में से एक है जहां मैं पहुंची।”

एक सुखद संयोग के रूप में उन्हें तुलसी घाट के बगल में ‘तुलसी अखाड़ा’ देखने को मिला। यहां के पहलवान हनुमान जी के प्रति अटूट श्रद्धा रखते हुए आध्यात्मिक अनुशासन और शारीरिक बल का संतुलन बनाए रखते हैं। निमरत ने बताया कि अखाड़े के 78 वर्षीय उस्ताद की फिटनेस और लचीलापन देखकर वह हैरान रह गईं। उन्होंने लिखा, “वह मानो हनुमान चालीसा की चौपाई ‘नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा’ को साक्षात चरितार्थ कर रहे थे।”

निमरत कौर ने गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रामचरितमानस और हनुमान चालीसा की रचना की जगह को देखकर खुद को धन्य महसूस किया। उन्होंने कहा, “यहां इतिहास, किंवदंतियां, परंपरा, त्याग, भक्ति और अनुशासन का जो अद्भुत संगम देखने को मिला है, वह सचमुच बेजोड़ है।”

अपनी पोस्ट के अंत में निमरत कौर ने सभी को हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

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Created On :   2 April 2026 1:30 PM IST

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