हरियाणा पुलिस की समीक्षा बैठक, डीजीपी ने सीसीटीवी और फेस रिकग्निशन सिस्टम पर दिया जोर

चंडीगढ़, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में प्रदेशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
बैठक में सीसीटीवी निगरानी, फेस रिकग्निशन सिस्टम, सक्रिय अपराधियों के सत्यापन, रात्रि नाकाबंदी, बिना नंबर प्लेट और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तथा इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा के 24 जिलों में मौजूद 389 पुलिस थानों और 327 पुलिस चौकियों में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा कुल 6,644 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। डीजीपी ने निर्देश दिए कि सभी कैमरे पूरी तरह कार्यशील स्थिति में हों और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कैमरों की स्थिति, तकनीकी खामियों और नेटवर्क संबंधी समस्याओं की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश भी दिए।
अपराधियों के डेटा सत्यापन और फेस रिकग्निशन सिस्टम की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 29 अक्टूबर तक प्रदेश में 47,124 सक्रिय अपराधियों का भौतिक सत्यापन पूरा किया जा चुका है। वहीं, 29,416 अपराधियों की तस्वीरें फेस रिकग्निशन सिस्टम में अपलोड की गई हैं। राज्य के 11 जिलों में सक्रिय अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा कर लिया गया है। डीजीपी ने अधिकारियों को घोषित अपराधियों, बेल जंपर्स और मोस्ट वांटेड अपराधियों का डेटा भी अगले दो सप्ताह में सिस्टम पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
बैठक में रात्रि नाकाबंदी की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि अंतरराज्यीय और अंतरजिला नाकाबंदी से अपराध नियंत्रण में सकारात्मक परिणाम मिले हैं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को नाकों की नियमित निगरानी करने और वहां सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रदेश में फिलहाल 40 संवेदनशील स्थानों और सीमा क्षेत्रों में नियमित नाके लगाए जा रहे हैं, जबकि 250 स्थायी नाकों के अलावा 288 अतिरिक्त नाका प्वाइंट भी चिन्हित किए गए हैं।
बिना नंबर प्लेट और बिना एचएसआरपी वाले वाहनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा में बताया गया कि 1 जून 2026 से 28 अक्टूबर 2026 तक 31.22 लाख से अधिक वाहनों की जांच की गई। इस दौरान बिना नंबर प्लेट के 1.14 लाख से अधिक और बिना एचएसआरपी के 1.57 लाख से अधिक वाहनों के चालान किए गए। इसी अवधि में 22,269 वाहन जब्त भी किए गए। कुल मिलाकर 2.72 लाख से अधिक चालान किए गए हैं।
इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी) की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने कहा कि आपात स्थिति में पुलिस का त्वरित पहुंचना नागरिकों के विश्वास और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को तकनीकी विश्लेषण के आधार पर ईआरवी का रिस्पॉन्स टाइम कम करने और इसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग, सतत निगरानी और जवाबदेही के साथ काम करना आवश्यक है। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और नियमित समीक्षा जारी रखने के निर्देश दिए।
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