हिमाचल को 2027 तक आत्मनिर्भर और 2032 तक समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य सीएम सुक्खू

हिमाचल को 2027 तक आत्मनिर्भर और 2032 तक समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य सीएम सुक्खू
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाना है। सरकार राजस्व के नए स्रोत तलाशने, भ्रष्टाचार के रास्ते बंद करने और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

सोलन, 25 सितंबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाना है। सरकार राजस्व के नए स्रोत तलाशने, भ्रष्टाचार के रास्ते बंद करने और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार सत्ता में आई थी, तभी प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया गया था। इसी दिशा में सरकार ने काम शुरू किया और अब इसके परिणाम दिखाई देने लगे हैं। किशाऊ परियोजना को लेकर सरकार की लड़ाई और जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे सरकार का आत्मविश्वास बढ़ा है। यदि केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली आरडीजी बंद नहीं की गई होती तो हिमाचल प्रदेश अब तक आत्मनिर्भर हो चुका होता।

उन्होंने कहा कि सरकार फिलहाल एरियर से मिलने वाली संभावित करीब 500 करोड़ रुपए की राशि, वाटर और शानन प्रोजेक्ट से जुड़े मामलों के परिणाम का इंतजार कर रही है। पानी से जुड़ी परियोजनाएं प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सरकार प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए नए आय स्रोतों पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार के कथित चोर दरवाजे बंद करने और विभिन्न आय स्रोतों को बढ़ाने के प्रयासों से आने वाले वर्षों में करीब 4 से 5 हजार करोड़ रुपए की बचत होने की संभावना है।

वाइल्ड फ्लावर हॉल का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 वर्षों में वहां से कोई राशि नहीं मिली, लेकिन अब सरकार ने करीब 401 करोड़ रुपए प्रदेश के खजाने में जमा करवाए हैं। इसी तरह उन्होंने जेएसडब्ल्यू जिंदल कंपनी से करीब 150 करोड़ रुपए सालाना लेने की बात कही, जिसे उनके मुताबिक पिछले कई वर्षों से नहीं लिया गया था। उन्होंने कहा कि जब राज्य के पास पर्याप्त पैसा होगा तो युवाओं के लिए नए अवसरों के दरवाजे खुलेंगे। सरकार अभी आर्थिक संसाधन जुटाने पर काम कर रही है और आने वाले समय में इसका लाभ प्रदेश के लोगों को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार वेलनेस सेंटर, वाटर पार्क और जू जैसी परियोजनाओं पर भी काम कर रही है। करीब 40 वर्षों से बिगड़ी व्यवस्थाओं को सुधारने में समय लगता है, लेकिन अब सरकार के प्रयासों के परिणाम दिखाई देने शुरू हो गए हैं। 2027 तक आत्मनिर्भर बनने के बाद सरकार का लक्ष्य 2032 तक हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे समृद्ध और अमीर राज्य बनाना है। किसानों की आय समेत विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली आय को बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

किशाऊ परियोजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को करीब 1500 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे सरकार की योजनागत आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा बताया।

मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय पर चर्चा चलती रहनी चाहिए। यदि मंत्रिमंडल का गठन या कुछ विभागों में फेरबदल होना होगा तो उस पर निर्णय लिया जाएगा। मंत्रिमंडल में एक पद और डिप्टी स्पीकर का पद खाली है। यदि इन पदों को भरने का निर्णय होता है तो 11 दिसंबर से पहले इन्हें भरने का प्रयास किया जाएगा।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   25 Sept 2026 6:40 PM IST

Tags

Next Story