‘स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाने वाला दिन’, महिला आरक्षण बिल पर कर्नाटक भाजपा

‘स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाने वाला दिन’, महिला आरक्षण बिल पर कर्नाटक भाजपा
केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में उठाए गए कदम को लेकर कर्नाटक भाजपा ने इसे “स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाने वाला दिन” बताया है।

बेंगलुरु, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में उठाए गए कदम को लेकर कर्नाटक भाजपा ने इसे “स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाने वाला दिन” बताया है।

गुरुवार को बेंगलुरु स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय ‘जगन्नाथ भवन’ में मीडिया से बातचीत करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता और एमएलसी भारती शेट्टी ने कहा कि महिलाओं के आरक्षण को लागू करने की दिशा में केंद्र सरकार के प्रयास से देशभर की महिलाओं में खुशी की लहर है और यह दिन इतिहास में दर्ज किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश की लगभग 140 करोड़ आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत है और वे लंबे समय से इस फैसले का इंतजार कर रही थीं।

शेट्टी ने बताया कि स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण की शुरुआत 1992 में हुई थी, जबकि लोकसभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण का विधेयक पहली बार 1996 में पेश किया गया था। इसके बाद 2023 तक इसे पारित कराने के कई प्रयास किए गए।

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस विधेयक को चार बार लाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष के समर्थन की कमी के कारण इसे पारित नहीं किया जा सका। वहीं, सोनिया गांधी के नेतृत्व वाले यूपीए कार्यकाल में भी इस विधेयक से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिल सकी।

उन्होंने बताया कि इस विधेयक के समर्थन में बड़ा आंदोलन भी चला, जिसमें कर्नाटक से 1,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था। हालांकि यूपीए सरकार ने इसे संसद में पेश किया, लेकिन इसे पास नहीं कराया जा सका।

शेट्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसका श्रेय देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में यह विधेयक आखिरकार पारित हुआ, जो लंबे इंतजार के बाद मिला न्याय है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण को नई गति मिली है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘लखपति’ जैसी योजनाओं और रक्षा क्षेत्र में महिलाओं को अवसर देने जैसे कदम इसकी मिसाल हैं।

शेट्टी ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा की भी सराहना की, जिन्होंने स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया।

उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद में आगे भी महिलाओं के हित में सकारात्मक फैसले लिए जाएंगे और सभी दलों की महिलाएं राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इसका लाभ उठाएंगी।

गौरतलब है कि संसद में गुरुवार से शुरू हुए तीन दिवसीय विशेष सत्र के दौरान सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ में संशोधन पेश किया है, जिसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया को तेज करना है।

हालांकि, इस कदम में सीटों की संख्या बढ़ाने और नए परिसीमन से इसे जोड़ने को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल भी उठाए हैं।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   16 April 2026 9:47 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story