तमिलनाडु एआईएडीएमके में गहराया आंतरिक संकट, कई जिलों में पुलिस को दखल देना पड़ा

तमिलनाडु एआईएडीएमके में गहराया आंतरिक संकट, कई जिलों में पुलिस को दखल देना पड़ा
एआईएडीएमके का आंतरिक संकट और गहरा गया है। पार्टी के गुटों के बीच बढ़ती लड़ाई तमिलनाडु की जिला इकाइयों तक फैल गई है। इससे कई जगहों पर तनाव की स्थिति बन गई है और पुलिस को दखल देना पड़ा है।

चेन्नई, 18 मई (आईएएनएस)। एआईएडीएमके का आंतरिक संकट और गहरा गया है। पार्टी के गुटों के बीच बढ़ती लड़ाई तमिलनाडु की जिला इकाइयों तक फैल गई है। इससे कई जगहों पर तनाव की स्थिति बन गई है और पुलिस को दखल देना पड़ा है।

एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) के समर्थक और पूर्व मंत्री एसपी वेलुमणि तथा सीवी षणमुगम के नेतृत्व वाला विरोधी गुट, पार्टी पर नियंत्रण की लड़ाई में लगातार उलझता जा रहा है। इसके चलते कई पार्टी कार्यालयों पर ताला लगा दिया गया है और उन्हें सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।

विलुप्पुरम, कुड्डालोर, पुदुकोट्टई और करूर में इसी तरह के घटनाक्रमों के बाद अब डिंडीगुल में नया विवाद सामने आया है, जहां पुलिस ने जिला पार्टी इकाई पर नियंत्रण को लेकर आमने-सामने आए विरोधी गुटों के बीच टकराव रोकने के लिए हस्तक्षेप किया।

डिंडीगुल विवाद ने दो प्रभावशाली नेताओं और पूर्व मंत्रियों, नाथम विश्वनाथन और डिंडीगुल श्रीनिवासन, को सीधे टकराव की स्थिति में ला दिया है। ये मतभेद तब सामने आए, जब ईपीएस ने जिला स्तर के कई ऐसे पदाधिकारियों को हटा दिया, जिनके बारे में माना जाता था कि वे विद्रोही गुट से जुड़े हुए हैं।

जहां एक ओर नाथम विश्वनाथन ने वेलुमणि-षणमुगम खेमे का समर्थन किया है, वहीं दूसरी ओर डिंडीगुल श्रीनिवासन ईपीएस के साथ मजबूती से खड़े हैं। विश्वनाथन के समर्थकों ने जिला कार्यालय में प्रवेश के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की, जबकि श्रीनिवासन के समर्थकों ने इसका विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने प्रवेश मार्ग को सील कर दिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों गुटों को परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया।

बाद में श्रीनिवासन ने अपने समर्थकों के साथ बैठक की और दोहराया कि एआईएडीएमके की जनरल काउंसिल ने सर्वसम्मति से एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को पार्टी का जनरल सेक्रेटरी और निर्विवाद नेता स्वीकार किया है।

बागी विधायकों से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार फैसला लिया जाएगा। साथ ही संकेत दिया कि उनके खिलाफ कार्रवाई होना तय है। इस बीच, वेलुमणि-षणमुगम गुट ने मौजूदा नेतृत्व ढांचे को चुनौती देने के उद्देश्य से आपातकालीन जनरल काउंसिल बैठक बुलाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

खबरों के मुताबिक, बागी खेमे के समर्थकों ने पूरे राज्य में जनरल काउंसिल और एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्यों से हस्ताक्षर जुटाने शुरू कर दिए हैं। उनका दावा है कि उन्हें 1,000 से ज्यादा सदस्यों का समर्थन पहले ही मिल चुका है। वहीं, ईपीएस खेमा उन 25 बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है, जिन पर विधानसभा में विश्वास मत के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने का आरोप है।

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Created On :   18 May 2026 11:43 AM IST

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