भारत-ईयू एफटीए को सभी 27 सदस्य देशों का समर्थन, जल्द लागू करने पर सहमति पीयूष गोयल
मुंबई, 4 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ईयू के सभी 27 सदस्य देशों का समर्थन हासिल है और सभी देश इसे जल्द से जल्द लागू करने की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं।
मुंबई में आयोजित भारत-बेल्जियम उच्चस्तरीय संवाद को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि यूरोपीय संघ में किसी समझौते पर सभी सदस्य देशों की एकमत सहमति मिलना बेहद दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि भारत में भी इस समझौते को व्यापक समर्थन मिला है।
गोयल ने कहा, “मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि इस एफटीए पर बेहद संतुलित तरीके से बातचीत हुई है। दोनों पक्षों के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। यही वजह है कि भारत-ईयू एफटीए के खिलाफ कहीं से भी असहमति की आवाज नहीं उठी है।”
उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे मत्स्य पालन, वस्त्र और फुटवियर उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा। इसके अलावा रसायन और फार्मास्युटिकल उत्पादों के निर्यात में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद है।
इस बीच बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर शुक्रवार को नई दिल्ली से मुंबई पहुंचे। महाराष्ट्र सरकार के प्रोटोकॉल एवं विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया।
मुंबई दौरे के दौरान बेल्जियम के प्रधानमंत्री हीरा कारोबार, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे, जिससे भारत-बेल्जियम आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बार्ट डी वेवर ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक व्यापार संरक्षणवाद और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने इसे “रणनीतिक खुलेपन की अभिव्यक्ति” बताते हुए कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच विश्वास और सम्मान का प्रतीक है तथा दोनों अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक व्यवधानों और दबावों के प्रति अधिक मजबूत बनाएगा।
उन्होंने कहा, “दुनिया कठिन दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत और यूरोप ने साझेदारी का रास्ता चुना है, जबकि कई देश बाजार बंद करने और शुल्क बढ़ाने की राह पर चल रहे हैं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की वार्ता के दौरान दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 13 अरब डॉलर से 26 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया।
दोनों देशों ने बेल्जियम के निवेश को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्टमेंट फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म स्थापित करने और नियमित भारत-बेल्जियम बिजनेस फोरम की व्यवस्था को भी संस्थागत रूप दिया। इसके अलावा बेल्जियम के संप्रभु संपत्ति कोष और भारत के नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) के बीच सहयोग तथा फिनटेक क्षेत्र में साझेदारी पर भी चर्चा हुई।
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Created On :   4 Sept 2026 10:12 PM IST












