महाराष्ट्र कांग्रेस ने सूखे पर कार्रवाई न करने को लेकर महायुति सरकार की कड़ी आलोचना की

महाराष्ट्र कांग्रेस ने सूखे पर कार्रवाई न करने को लेकर महायुति सरकार की कड़ी आलोचना की
महाराष्ट्र भर में भीषण सूखे जैसी स्थिति से फसलें बर्बाद हो रही हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोमवार को महायुति सरकार पर तीखा हमला करते हुए त्योहारों के मौसम में किसानों की दुर्दशा के प्रति पूर्ण उदासीनता का आरोप लगाया।

मुंबई, 21 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र भर में भीषण सूखे जैसी स्थिति से फसलें बर्बाद हो रही हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोमवार को महायुति सरकार पर तीखा हमला करते हुए त्योहारों के मौसम में किसानों की दुर्दशा के प्रति पूर्ण उदासीनता का आरोप लगाया।

मीडिया को संबोधित करते हुए सपकाल ने कहा कि बेबस किसान अपनी बर्बाद फसलों पर ही खेती करने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर, सरकार किसानों के बैंक खातों में सीधे वित्तीय सहायता पहुंचाने के बजाय केवल कागजी वादे कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कहती रहती है कि प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन किसानों के बैंक खातों में तत्काल सहायता राशि जमा नहीं की जा रही है। यहां तक ​​कि कर्ज माफी का वादा भी पूरी तरह झूठा साबित हुआ है।

सपकाल ने बताया कि भीषण सूखे की स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई एक बैठक में प्रशासनिक अधिकारी अपने मोबाइल फोन पर वीडियो देखते हुए पकड़े गए, जबकि सत्ताधारी दल के सांसद सूखे मेवे खाते नजर आए। उन्होंने इसकी तुलना उन पूर्व घटनाओं से की जिनमें विधानसभा में मंत्रियों को मोबाइल गेम खेलते हुए पकड़ा गया था।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हालिया बयान पर टिप्पणी करते हुए सपकाल ने इसे राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज' पहल की बढ़ती लोकप्रियता को लेकर चिंता बताया।

सपकाल ने पलटवार करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि फडणवीस की मानसिक सेहत बिगड़ गई है। मैं उनसे बस इतना ही कहना चाहता हूं, ‘जल्द स्वस्थ हो जाइए, देवेंद्र जी।’

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर ब्रिटिश काल की 'बांटो और राज करो' की नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार मराठों और ओबीसी के साथ-साथ आदिवासी और वीजेएनटी समुदायों के बीच आरक्षण के मुद्दों पर सामाजिक विभाजन को बढ़ावा दे रही है।

कांग्रेस पार्टी की तीखी आलोचना महाराष्ट्र में बढ़ते राजनीतिक टकराव का संकेत देती है, क्योंकि आगामी राज्य चुनावों से पहले ग्रामीण संकट और कृषि सहायता में देरी प्रमुख मुद्दा बन गए हैं।

सत्ताधारी प्रशासन ने अभी तक कांग्रेस नेतृत्व द्वारा लगाए गए विशिष्ट आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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Created On :   21 Sept 2026 11:26 PM IST

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