अफगानिस्तान के साथ तनाव के बीच पाकिस्तान की नई चाल, भारत को मामले में घसीटा

अफगानिस्तान के साथ तनाव के बीच पाकिस्तान की नई चाल, भारत को मामले में घसीटा
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात बेहद खराब हैं। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का ऐलान कर दिया है। पहले अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की। इसके कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तानी सेना ने काबुल और कंधार पर हवाई हमले किए।

नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात बेहद खराब हैं। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का ऐलान कर दिया है। पहले अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की। इसके कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तानी सेना ने काबुल और कंधार पर हवाई हमले किए।

अफगानिस्तान ने पहले रविवार की एयरस्ट्राइक के जवाब में पाकिस्तान पर हमला किया था। पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने रविवार के हमलों में 70 उग्रवादियों को मारा था। हालांकि, पाक के दावे को खारिज कर अफगानिस्तान ने कहा कि पाकिस्तानी हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों आम लोग मारे गए थे।

पाकिस्तान ने बिना किसी सबूत के तालिबान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को बचाने का आरोप लगाया है।

अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद, जब तालिबान सत्ता में लौटा, तो पाकिस्तान उसे बधाई देने वाले पहले देशों में से एक था। पाकिस्तान और तालिबान के बीच मजबूत संबंध था और इस्लामाबाद को उम्मीद थी कि दोनों पक्षों के बीच संबंध और गहरा होगा।

विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान ने साफ तौर पर स्थिति को गलत समझा। पाकिस्तान को लग रहा था कि वह अफगानिस्तान पर अपना नियंत्रण रख सकेगा और अपने इशारे पर उसका इस्तेमाल करेगा। हालांकि, हकीकत इससे अलग निकली।

तालिबान को पाकिस्तान के इशारे पर चलना नामंजूर था। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद, पाकिस्तान ने बड़े भाई जैसा रवैया दिखाया और तय करने की कोशिश की है कि अफगानिस्तान को क्या करना चाहिए। एक अधिकारी ने कहा कि तालिबान और पाकिस्तान के बीच कई मुद्दे हैं।

अपने मुद्दों को सीधे तौर पर सुलझाने के बजाय, पाकिस्तान ने भारत पर तालिबान का साथ देने का आरोप लगाया। वहीं, भारत ने पाकिस्तान के इस आरोप से सिरे से इनकार कर दिया और कहा है कि पाकिस्तान को अपनी अंदरूनी समस्याओं को दूसरों पर थोपने की आदत है।

पाकिस्तान ने पहले तालिबान पर टीटीपी को बचाने और उसे अफगानिस्तान की जमीन से हमले करने देने का आरोप लगाया था। कुछ महीनों में पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर भारी तनाव देखने को मिला है। डूरंड लाइन पर आत्मघाती बॉम्बिंग, एयरस्ट्राइक और जमीनी लड़ाइयों जैसे कई हमले हुए हैं।

तालिबान ने पाकिस्तान पर यह भी आरोप लगाया है कि वह अपने पड़ोसियों के साथ अपने संबंधों को कमजोर करने की कोशिश करता है। एक अन्य अधिकारी ने कहा, "उम्मीद के मुताबिक पाकिस्तान, भारत के साथ तालिबान के संबंधों का हवाला देकर अफगानिस्तान में हमलों को सही ठहराएगा।"

पाकिस्तान ने तालिबान पर भारत की गोद में बैठने का आरोप लगाया है। भारत हमेशा अफगानिस्तान के नागरिकों के लिए मदद का हाथ बढ़ाता रहा है। जब अफगानिस्तान में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया था, तो भारत ने सबसे पहले मदद भेजी थी। भारत ने बल्ख और समांगन इलाकों में 15 टन खाद्य सामग्री भेजी थी। इसके अलावा, भारत ने मेडिकल सप्लाई भी दी थी।

भारत और अफगानिस्तान के संबंध पाकिस्तान की आंखों को हमेशा से चुभते रहे हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान हमेशा से ही अपने इलाके में होने वाली किसी भी अप्रिय गतिविधि के लिए भारत और तालिबान को जिम्मेदार ठहराता रहा है।

इस्लामाबाद ने बिना सबूत के यह झूठी कहानी भी फैलाई है कि टीटीपी अफगान की जमीन से काम करता है। उसने यह भी कहा है कि भारत इस संगठन का समर्थन कर रहा है। तालिबान और भारत दोनों ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।

इस्लामाबाद, अफगानिस्तान में भारत की बढ़ती मौजूदगी को बहुत ही संदेह की नजरों से देखता है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री पिछले साल भारत आए थे। दोनों देशों के बीच यह तय हुआ था कि भारत काबुल में अपना दूतावास फिर से खोलेगा।

विश्लेषकों का कहना है कि यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ इस लड़ाई में भारत को घसीटा है। भारत-अफगान के संबंध बेशक इस्लामाबाद के लिए एक परेशानी हैं।

पाकिस्तान को अपने लोगों के सामने इस लड़ाई को सही ठहराने की जरूरत है, जिनका सिस्टम पर भरोसा अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। टीटीपी की स्थिति, आर्थिक संकट और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ रवैये के तरीके के बारे में सरकार को बहुत कुछ समझाना होगा।

ऐसे में अफगानिस्तान के साथ तनाव पाकिस्तान सरकार के लिए उसके आम नागरिकों का ध्यान भटकाने का काम करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके लिए एक मजबूत वजह होनी चाहिए और इससे बेहतर क्या हो सकता है कि भारत को इसमें घसीटा जाए और आज पाकिस्तान जिस हालत में है, उसके लिए उसे दोषी ठहराया जाए।

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Created On :   27 Feb 2026 5:14 PM IST

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