आंध्र प्रदेश के मछुआरे की डूबने से मौत, खराब मौसम में समुद्र में हुए हादसे में लापता छह लोगों की तलाश जारी

आंध्र प्रदेश के मछुआरे की डूबने से मौत, खराब मौसम में समुद्र में हुए हादसे में लापता छह लोगों की तलाश जारी
आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली जिले में सोमवार को रेवु पोलावरम तट के पास चार मछुआरों को ले जा रही एक नाव पलट गई। इस हादसे में एक मछुआरे की डूबने से मौत हो गई।

विशाखापत्तनम, 6 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली जिले में सोमवार को रेवु पोलावरम तट के पास चार मछुआरों को ले जा रही एक नाव पलट गई। इस हादसे में एक मछुआरे की डूबने से मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, तीन मछुआरे सुरक्षित रूप से तट पर पहुंच गए। यह हादसा तब हुआ, जब नाव पलट गई और मछुआरे उफनते समुद्र में गिर गए।

मृत मछुआरे का शव बहकर किनारे आ गया। उसकी पहचान रेवु पोलावरम मछली पकड़ने वाले गांव के चोडिपल्ली सिम्हाद्री के तौर पर हुई। इस बीच विशाखापत्तनम तट के पास छह मछुआरों की तलाश दूसरे दिन भी जारी रही।

भारतीय नौसेना, कोस्ट गार्ड और मरीन पुलिस उन मछुआरों की तलाश कर रहे हैं, जो खराब मौसम में समुद्र में नाव पलटने की आशंका के बाद लापता हो गए थे।

कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडु ने सोमवार को अधिकारियों को तलाशी अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लापता मछुआरों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।

अधिकारियों के अनुसार, नौसेना और कोस्ट गार्ड का संयुक्त खोज अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। इसमें एक विशेष जहाज, बचाव नाव और हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया। खोज अभियान उस जानकारी के आधार पर चलाया जा रहा है, जो कार्गो जहाज द्वारा बचाए गए मछुआरों में से एक, कारी चिन्ना ने दी थी।

बचाए गए मछुआरे को भारतीय कोस्ट गार्ड की सुरक्षित निगरानी में रखा गया है। माना जा रहा है कि चिन्ना जहाज पर चढ़ने में सफल हो गया, लेकिन बाकी लोगों का क्या हुआ, यह अभी तक पता नहीं चल पाया है।

एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार सुबह 6 बजे तलाशी अभियान फिर से शुरू किया गया। उनके अनुसार, शुरुआती 72 घंटे तलाशी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। अधिकारियों को अभी लापता मछुआरों के जीवित मिलने की उम्मीद है।

लापता मछुआरों के परेशान परिवारों ने मैकेनाइज़्ड बोट ऑपरेटर्स एसोसिएशन के दफ्तर के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। लापता मछुआरों के माता-पिता, पत्नियां और बच्चे रोते हुए और अधिकारियों से जानकारी देने की गुहार लगाते हुए दिखाई दिए।

पुलिस महानिरीक्षक गोपीनाथ जट्टी खोज और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे थे। उन्होंने भारतीय कोस्ट गार्ड के क्षेत्रीय ऑपरेशन सेंटर का दौरा किया। विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों के सात मछुआरों का एक समूह 1 जुलाई को विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से मछली पकड़ने के लिए निकला था।

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से समुद्र की स्थिति खराब हो गई। ऐसे में उनके परिवारों ने उन्हें सतर्क करने के लिए मोबाइल फोन पर संपर्क किया। मछुआरों ने अपने परिवारों को बताया कि वे 4 जुलाई की दोपहर तक तट पर लौट आएंगे।

जब वे वापस नहीं लौटे और उनके मोबाइल फोन बंद मिले, तो परेशान परिवारों ने कोस्ट गार्ड और मरीन पुलिस को इसकी जानकारी दी।

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Created On :   6 July 2026 4:02 PM IST

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